जिस वक्त हम इस गांव में पहुंचे तो नेहा और राखी के माता- पिता मजदूरी करने के लिए जा चुके थे। नेहा बताती हैं कि उनकी मां ने उन्हें हमेशा प्रोत्साहित किया। जरूरी होने पर वे भी सुबह शाम आसपास के खेत में काम करती हैं, लेकिन रात में करीब पांच घंटे नियमित पढ़ती हैं। गांव के लोग आठवीं के आगे पढ़ने पर ताने मारते थे, लेकिन मां के हौसले के आगे सब पस्त हो गए। इसी गांव की 60 साल की रामप्यारी मिलती हैं। वह कहती हैं कि गांव की अन्य बेटियां पढ़ जाएं तो अच्छी बात हैं, लेकिन आगे शादी ब्याह कहां करेंगी, इसकी चिंता है।
- 71610 महिला-पुरष हैं सहरिया जाति के
- 34776 महिलाएं हैं (2011 की जनगणना के अनुसार)
ललितपुर की स्थिति
| औसत साक्षरता |
63.52 प्रतिशत |
| पुरुष साक्षरता |
74.98 प्रतिशत |
| महिला साक्षरता |
50.84 प्रतिशत |