काउंसिलिंग बोर्ड ने यह भी निर्णय लिया है कि प्रथम चक्र के साथ ही आगामी चक्रों की काउंसिलिंग में शामिल होने वाले सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित के प्रमाण पत्रों का जिलाधिकारी द्वारा सत्यापन कराया जाएगा। जिनके प्रमाण पत्र गलत मिलें, उन्हें आगामी सभी चक्रों की काउंसिलिंग से प्रतिबंधित किया जाएगा।
कई चरणों में जांच के बाद भी फर्जीवाड़ा
एमबीबीएस में दाखिले की प्रक्रिया के दौरान प्रमाण पत्रों की जांच के लिए कई चरण बनाए गए हैं। फिर भी धांधली करने वाले अपने मकसद में कामयाब हो रहे हैं। ऑनलाइन आवेदन के बाद प्रदेशभर में बनाए गए 11 नोडल सेंटरों पर प्रमाण पत्रों की जांच होती है। फिर आवंटित कॉलेज में भी दाखिले के वक्त जांच की व्यवस्था है। इसके बाद भी फर्जीवाड़ा हो रहा है।