दोपहर 12 बजे जब डॉ. सचान टीम के साथ पहुंचे तो 100 से अधिक भेड़ें मरणासन अवस्था में थीं। भेड़ों की इतनी संख्या को देखकर ककौली से डॉ. ब्रजेश कुमार व लखनऊ से वीरेंद्र कुमार को बुलाया गया। दोनों टीम के साथ पहुंचे और भेड़ों को इंजेक्शन देने के साथ ग्लूकोज चढ़ाया गया। शाम 6:30 बजे तक चिकित्साकर्मी जुटे रहे। डॉ. आरपी सचान का कहना है कि कई बार ज्यादा खाने से पशुओं का पेट फूल जाता है। उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगती है, जिससे मौत भी हो जाती है। डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि मृत 71 भेड़ों को पास में ही दफना दिया गया। उधर, एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार का कहना है कि मामले को लेकर उन्हें कुछ नहीं कहना है।
संकट में आया परिवार
शिवरतन पाल ने अफसरों को बताया कि भेड़ें ही उनके परिवार का भरण पोषण का सहारा हैं। 71 भेड़ें मरने से उनके परिवार पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने उधार लेकर इन्हें खरीदा था। उनके बेटे विजय ने सरकार से मदद की मांग की है।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
घटनास्थल पर पहुंचीं संस्था आसरा द हेल्पिंग हैंड्स की संस्थापक अध्यक्ष चारु खरे ने कहा कि प्रेरणा स्थल की पार्किंग में फेंके गए भोजन का निस्तारण सही से नहीं किया गया है। इस वजह से भेड़ों की मौत हुई। उन्होंने कहा कि मामले में किसी प्रकार की लापरवाही या भेड़ों को जहर देने की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। संस्था की ओर से मड़ियांव पुलिस को तहरीर भी दी गई है।
विकास प्राधिकरण की जिम्मेदारी है सफाई
राष्ट्र प्रेरणा स्थल आउटर का इलाका है। वहां की सफाई की जिम्मेदारी लखनऊ विकास प्राधिकरण की है। उसकी ओर से सफाई करवाई जा रही होगी। - आकाश कुमार, जोनल अधिकारी, नगर निगम
घटना स्थल पर पहुंची आसरा द हेल्पिंग हैंड्स की संस्थापक अध्यक्ष चारु खरे ने कहा कि प्रेरणा स्थल की पार्किंग में फेंके गए भोजन का निस्तारण सही से नहीं किया गया है। जिसकी वजह से इन भेड़ों की मौत हो गई है। उन्होंने मृत भेड़ों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाने की मांग की है। यदि किसी प्रकार की लापरवाही या ज़हर दिए जाने की पुष्टि होती है, तो दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाए। संस्था ने मडियांव पुलिस को कार्रवाई के लिए तहरीर दी है।