प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में प्रवेश प्रक्रिया के पहले दो चरण पूरे हो चुके हैं। दो चरणों में राजकीय आईटीआई में इस बार कुल 1,35,447 सीटों में से 70,781 सीटों पर अभ्यर्थियों ने प्रवेश लिया है। जो कि 52.25 प्रतिशत है। वहीं निजी आईटीआई में भी 3,49,812 सीटों के सापेक्ष 30,427 यानी 8.69 फीसदी छात्रों ने दाखिले लिए हैं।
राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद के अधिशासी निदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि तीसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया 31 जुलाई से शुरू होकर पांच अगस्त तक चलेगी। इसमें भी लोकप्रिय ट्रेडों की लगभग 25 हजार सीटों पर प्रवेश का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि निजी आईटीआई में प्रवेश के लिए प्रदेश सरकार ने फीस को पूर्ववत बनाए रखने का निर्णय लिया है, इसका शासनादेश भी जारी हो चुका है।
उन्होंने बताया कि राजकीय आईटीआई बुलंदशहर, पीलीभीत, रायबरेली, प्रयागराज, बरेली, लखीमपुर-खीरी और फर्रुखाबाद में 60 प्रतिशत से अधिक सीटें भरी गई हैं। 28 जिलों में सीट 30 से 50 प्रतिशत भरी है। विभाग अब उन ट्रेडों की समीक्षा कर रहा है, जिनमें अभ्यर्थी कम प्रवेश ले रहे हैं। ऐसी ट्रेडों को आज की जरूरत के अनुरूप वाले ट्रेड में बदलने की योजना पर काम किया जा रहा है।
वहीं व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने बताया कि विभाग स्तर पर प्रवेश बढ़ाने के लिए काफी प्रयास किए गए हैं। वहीं इंडस्ट्री के साथ बैठकें, कौशल मेले, रोजगार मेले और सीएक्सओ मीट जैसे आयोजन भी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो आईटीआई तीसरे चरण तक 80 प्रतिशत से अधिक सीटों पर दाखिला कराएंगे, उनके प्रधानाचार्य को राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि निजी आईटीआई प्रतिनिधियों से लगातार संवाद किया जा रहा है। उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल कर वहां भी बेहतर वातावरण बनाया जा रहा है। ताकि प्रदेश में कौशल शिक्षा का स्तर और भी बेहतर हो सके। दूसरे चरण के बाद तक जो रुझान सामने आए हैं, उनसे संकेत मिल रहे हैं कि तीसरे व चौथे चरण में राजकीय और निजी दोनों आईटीआई में दाखिलों में और तेजी आएगी।