ध्वस्त किया गया मजार के आसपास का अतिक्रमण।
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भिनगा-सिरसिया मार्ग स्थित वन कार्यालय के निकट स्थित हईशाह की मजार के आसपास आरक्षित भूमि पर अतिक्रमण था। जिसे मंगलवार को प्रशासन ने बुलडोजर लगवाकर ढहवा दिया। वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर भिनगा-सिरसिया मार्ग बंद कर दिया गया। नगर में भी भारी संख्या में पुलिस तैनात रही।
भिनगा-सिरसिया मार्ग स्थित वन कार्यालय के निकट भूमि खंड (गाटा संख्या-121, रकबा 0.1420 हेक्टेयर) इमारती वन हेतु आरक्षित है। यह नगर पालिका की संपत्ति है। इस आरक्षित स्थल पर कुछ व्यक्तियों ने अतिक्रमण कर अस्थायी व स्थायी निर्माण करा लिया था। जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर पालिका परिषद व राजस्व विभाग के अधिकारियों की टीम से अतिक्रमण की पहचान व सीमांकन कराकर उसे हटाने का नोटिस जारी किया था। इसके बावजूद कब्जा बरकरार रहा।
मंगलवार को डीएम अजय कुमार द्विवेदी व एसपी घनश्याम चौरसिया ने नगर पालिका, पुलिस व राजस्व विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंच कर जेसीबी के माध्यम से अवैध निर्माणों को ध्वस्त करा दिया। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर न सिर्फ भिनगा-सिरसिया मार्ग पर आवागमन रोक दिया गया बल्कि मौके पर भारी संख्या में पुलिस व पीएसी के जवान मौजूद रहे।
12 घंटे बाधित रहा भिनगा-सिरसिया मार्ग
हईशाह मजार पर व्याप्त अतिक्रमण को हटाने के दौरान भिनगा-सिरसिया मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया गया। दोपहर 12 बजे तक तो मीडियाकर्मियों के आवागमन पर भी रोक लगी रही। इसके बाद करीब 12:30 बजे मीडियाकर्मियों को मजार तक जाने की छूट मिली लेकिन दोपहर करीब तीन बजे तक आवागमन बहाल नहीं हो सका। ऐसे में लोगों को आने-जाने के लिए दहाना तिराहे से लक्ष्मनपुर मार्ग होते हुए बेचईपुरवा व सिरसिया पहुंचना पड़ा। इससे लोगों को करीब 20 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ा।