मायावती ने कहा कि इस बार के विधानसभा चुनाव में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। वर्तमान में सभी समाज दुखी हैं और वह बसपा की सरकार चाह रहे हैं। इस बार गुमराह नहीं होना है। ईवीएम में धांधली और बेइमानी की चर्चा है। ये व्यवस्था कभी भी खत्म हो सकती है। एसआईआर की काफी शिकायतें है। इससे हमें सजग रहना होगा। गठबंधन से बसपा को नुकसान होता है। खासकर अपर कास्ट का वोट जातिवादी पार्टियों को मिलता है। तभी सारी पार्टियां हमसे गठबंधन चाहती हैं। भविष्य में बसपा सभी चुनाव अकेले लड़ेगी। आगे जब अपर कास्ट का वोट हमें मिलने का भरोसा हो जाएगा, तब गठबंधन करेंगे लेकिन इसमें अभी बरसों लगेंगे।
शार्ट सर्किट होने से रोकी गई प्रेस कॉन्फ्रेंस
मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शार्ट सर्किट से हाल में अफरातफरी मच गई। इस पर प्रेस कॉन्फ्रेंस रोक दी गई और सुरक्षाकर्मी बसपा सुप्रीमो को बाहर लेकर चले गए।
बसपा सुप्रीमो ने स्टेट गेस्ट हाउस कांड का जिक्र कर सपा पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2 जून 1995 को लखनऊ के सरकारी गेस्ट हाऊस में मेरे ठहरने के दौरान सरकारी मशीनरी की मदद से सपा के कई हजार गुंडों व बदमाशों ने मुझ पर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया था। सपा के शासनकाल में गुंडों, बदमाशों, माफिया व भ्रष्ट लोगों का ही राज चलता है। इनके खुद के समाज को छोड़कर अन्य सभी वर्गों का शोषण होता रहा है। दलित वर्ग का तो सबसे ज्यादा उत्पीड़न हुआ।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि हमारी सरकार ने किसी के भी मंदिर, मस्जिद व चर्च आदि को भी कोई क्षति नही पहुंचने दी थी। दलितों, पिछड़ों, मुस्लिम व अल्पसंख्यक समाज के हितों का विशेष ध्यान रखा था। किसी के साथ पक्षपात नहीं होने दिया था। पिछड़े वर्गों में यादव समाज के हितों का भी ध्यान रखा था और आगे भी रखेंगे। विरोधी पार्टियों की सरकारों की तरह बसपा सरकार में कोई भी दंगा-फसाद आदि नहीं होने दिया था। आरोप लगाया कि प्रदेश में क़ानून-व्यवस्था सपा की सरकार की तरह काफी बिगड़ी हुई है। सरकार को बिना पक्षपात के सख्ती करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि बसपा यह सोचकर सभी चुनाव पूरी तैयारी से लड़ती है कि पता नहीं कब ईवीएम में धांधली का सिस्टम फेल हो जाए और सही रिजल्ट आ जाए। पूरे देश में ईवीएम के विरोध में आवाजें उठ रही हैं। ऐसे में यह व्यवस्था कभी भी खत्म की जा सकती है और बैलेट पेपर से चुनाव कराए जा सकते हैं। ऐसा कई देशों में भी हो चुका है। वहीं वर्तमान में जारी एसआईआर कार्य को लेकर भी गंभीर शिकायतें आ रही हैं। फिर भी इसमें अपनी पार्टी के लोगों को सजग रहना है और समय से यह कार्य पूरा करना है।
फिलहाल किसी से गठबंधन नहीं
मायावती ने साफ किया कि वह फिलहाल किसी से गठबंधन नहीं करेंगी क्योंकि इससे बसपा को दूसरे दल का वोट नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि आगे जब हमें भरोसा हो जाएगा कि गठबंधन वाली पार्टी के अपरकास्ट समाज का वोट बसपा को मिलेगा, तब मिलकर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया जा सकता है। हालांकि इसमें अभी कई साल लगेंगे। उन्होंने दावा किया कि बसपा ने अपरकास्ट समाज के जिन लोगों की जातिवादी मानसिकता को बदला है, उनका वोट बिना गठबंधन के हमें मिलता है। इस बार भी पहले से कहीं ज्यादा यह वोट बसपा को मिलेगा।