फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: 'बिजली के निजीकरण से 50 हजार संविदा कर्मियों की जायेगी नौकरी, उपभोक्ताओं को मिलेगी महंगी बिजली'

Sun, 08 Dec 2024 07:54 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

संविदा कर्मचारी संघ ने कहा कि मध्यांचल और पश्चिमांचल निगम में बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों कि छंटनी की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने बिजली के निजीकरण का विरोध किया है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ ने आरोप लगाया है कि पूर्वांचल और दक्षिणांचल डिस्काम के निजीकरण से लगभग 50 हजार बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी चली जाएगी। वहीं दूसरी ओर मध्यांचल और पश्चिमांचल निगम में बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों कि छंटनी की शुरुआत हो चुकी है।

विज्ञापन


इससे ऐसे परिवारों के सामने परिवार के भरण-पोषण करने का संकट पैदा हो गया है। संघ के महामंत्री देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि इसके विरोध में रविवार को कृष्णानगर में एक सभा करके प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन की रणनीति पर चर्चा हुई।

ये भी पढ़ें - भित्ति चित्रों की जरिये दर्शाई जाएगी श्रीराम के मर्यादा पुरुषोत्तम बनने की यात्रा, 80 म्यूरल बनाए जाएंगे
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - अभी हार से उबरी भी नहीं सपा, इस चर्चित सीट पर टिकट को लेकर अंतर्कलह शुरू; कटेहरी की तरह गंवा न बैठें
विज्ञापन


उन्होंने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, वाराणसी और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, आगरा को निजी हाथों में देने के पावर कॉर्पोरेशन के निर्णय को गलत बताते हुए कहा कि बिजली उद्योग में सुधार के लिए सार्थक प्रयास किया जाना चाहिए।

इन निगमों को निजी हाथों में देने से जहां एक तरफ लगभग 50 हजार बिजली के आउटसोर्स कर्मचारी बेरोजगार होंगे, जो पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से अल्प वेतन पर काम करते चले आ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उपभोक्ताओं को महंगी बिजली से आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें