रायबरेली जिले में अमीर लोग जरूरतमंदों के हक को हजम कर रहे हैं। शासन स्तर पर इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट ऑफ पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (आईएमपीडीए) की जांच में यह सच सामने आया है। हर माह मुफ्त में राशन ले रहे लगभग 29 हजार अपात्र पकड़ में आए हैं। जिले में 4082 वाहन मालिक, 18236 आयकर दाता व 54 जीएसटी रिटर्न भरने वाले गरीब बनकर हर माह तकरीबन 4500 क्विंटल मुफ्त राशन हजम कर रहे हैं।
शासन से सूची मिलने के बाद अपात्रों के कार्ड निरस्त करने का काम शुरू कर दिया गया है। जिले में पांच लाख से अधिक अंत्योदय व पात्र गृहस्थी के राशन कार्ड हैं। आधार अपडेटिंग और बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिले में 29 हजार से अधिक ऐसे राशन कार्डधारक चिह्नित हुए हैं, जिनके पास कंपनियों की मालिकाना हकदारी, महंगी गाड़ियां हैं। आयकर रिटर्न भी भरते हैं। शासन से भेजी गई सूची का घर-घर सत्यापन शुरू कर दिया गया है।
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केस एक: कार होने के बाद भी फ्री में ले रहे थे राशन
अमावां के खैरहना के विपिन सिंह राशन कार्ड संख्या 215810264488 में शामिल हैं। इन्होंने कार खरीदी है। इसके बाद भी परिवार के लोग हर माह मुफ्त में राशन हजम कर रहे थे। जांच के बाद राशन कार्ड को निरस्त कर दिया गया है।
केस दो: लोडर मालिक का परिवार भी ले रहा राशन
लालपुर चौहान निवासी विमलेश कुमारी का परिवार हर माह फ्री राशन ले रहा है। कार्ड संख्या 215840698428 में शामिल जागेश्वर ने व्यावसायिक वाहन खरीदा है। हर माह कमाई भी कर रहे हैं, लेकिन अपात्र होने के बाद भी राशन कार्ड को नहीं कटवाया है।
केस तीन: जांच में मिले अपात्र, निरस्त होगा राशन कार्ड
ऊंचाहार क्षेत्र के विनीता देवी के परिवार में हैवी मोटर वाहन है। इसके बाद भी वे गरीब बनी हुई हैं। जांच में राशन कार्ड संख्या 215840488527 में शामिल लोग गरीब नहीं मिले। राशन कार्ड को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिला पूर्ति अधिकारी उबैदुर्रहमान का कहना है कि शासन स्तर से लग्जरी व व्यावसायिक वाहनों के मालिकों, आयकर व जीएसटी रिटर्न भरने वालों समेत 29 हजार से अधिक अपात्रों की सूची मिली है। सभी आपूर्ति निरीक्षकों को सूची देकर अपात्रों के राशन 6 कार्ड निरस्त कराने का काम शुरू कर दिया गया है। कई अपात्रों के कार्ड निरस्त भी किए जा चुके हैं।