रियाजुल हसन, फातिमा मरियम, हाशमी बानो रिजवी, रईस बानो रिजवी, नाजनीन बानों रिजवी, कनीज, खुशनूद, तासकीन हैदर, फरजाना मिर्जा, रूही बेगम, फरहा, हुमा फातिमा, अजहर अब्बास मुसवी, रजिया अजमत, आशिफ सैयद हसन, समन यूसुफ, शहाना रिजवी, सामिया यूसुफ।
शहर के लब्बैक टूर एण्ड ट्रैवल्स के मैनेजर औरिया जाफर ने बताया कि उनके माध्यम से 19 जायरीन का एक ग्रुप 27 मई को लखनऊ से गया था। ईराक और ईरान में जियारत पूरी करने के बाद इस ग्रुप को 18 जून को वापस अपने वतन आना था, लेकिन ईरान और इस्राइल में युद्ध के चलते सभी जायरीन कुम पहुंच कर फंस गए थे। ग्रुप की अगुवाई कर रहे इरफान हुसैन ने बताया है कि सभी लोग सुरक्षित हैं और भारतीय दूतावास के लोगों की निगरानी में ईराक के मशहद शहर स्थित एक होटल में हैं। दूतावास के लोगों ने आज देर रात अथवा रविवार सुबह तक भारत भेजने की बात कही है। वतन वापसी की जगी इस उम्मीद से सभी खुश हैं।
अली कमाल, अनाबिया, बाकर, इरफान, कनीज, लाइका, मोहम्मद हुसैन, निघत, रोशन, शाहीन, सबा, सादात, नफीस, सीमा, सकीला, तहरीर फातिमा, रईस, सानिया और जफर।