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यूपी : प्रदेश में शुरू हो चुकी हैं 420 मेगावाट क्षमता की 24 सौर ऊर्जा परियोजनाएं, बुंदेलखंड और पूर्वांचल बनेगा सौर ऊर्जा का हब

Wed, 29 Dec 2021 08:11 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

नई सौर ऊर्जा नीति के तहत प्रदेश सरकार ने 1535 मेगावाट के 7500 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वीकार किया है। इसको 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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- फोटो : डेमो पिक
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में सरकारी भवनों, स्ट्रीट लाइटों से लेकर घरों तक में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ता जा रहा है। सरकार बुंदेलखंड और पूर्वांचल में खासतौर पर सौर ऊर्जा की परियोजनाओं को विस्तार दे रही है। यह दोनों क्षेत्र प्रदेश में सौर ऊर्जा के हब के रूप में उभर रहे हैं। 

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नई सौर ऊर्जा नीति के तहत प्रदेश सरकार ने 1535 मेगावाट के 7500 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वीकार किया है। इसको 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रदेश में 420 मेगावाट क्षमता की 24 सोलर पावर परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं। प्रदेश में सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़कर 1350 मेगावाट हो गया है। सरकार के प्रयास से प्रदेश में 235 मेगावाट क्षमता के सोलर रूफटॉप स्थापित हो चुके हैं। 

प्रदेश सरकार की कोशिश से वाणिज्यिक भवनों में ऊर्जा की बचत के लिये ‘ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता 2018’ को लागू किया गया। योगी सरकार ने जैव ऊर्जा उद्यम प्रोत्साहन नीति के तहत 2492  करोड़ रुपये का निजी निवेश भी आमन्त्रित किया। 720 करोड़ रुपये की लागत की 180 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा उत्पाद इकाइयां स्थापित की गईं। 
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बुंदेलखंड में 4 हजार मेगावाट की सौर ऊर्जा इकाइयां लगाई जा चुकी हैं। प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड में नहरों पर सोलर रूफटॉप लगवाए हैं। साथ ही हर घर नल योजना के तहत पाइप से पानी सप्लाई के लिए भी सौर ऊर्जा का प्रयोग किया जा रहा है। इसका लाभ यह है कि पारम्परिक बिजली पर निर्भरता कम होगी। पूर्वांचल में जगह-जगह सोलर प्लांट स्थापित किए गए हैं। सरकारी इमारतों पर सोलर रूफटाप लगाया जा रहे हैं। किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पंप लगाने के लिए सरकार प्रोत्साहित कर रही है।
 
योगी सरकार अब गांवों में बाजारों और सड़कों पर सोलर स्ट्रीट लाइटें रोशनी फैला रही हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय सोलर स्ट्रीट लाइट योजना की मदद से 25569 बाजारों में सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई जा चुकी हैं। वहीं मुख्यमंत्री समग्र ग्राम्य विकास योजना में चयनित राजस्व ग्रामों में 13791 सोलर स्ट्रीट लाइट संयंत्रों को लगाने का काम किया गया है। किसानों को लाभ देने के लिये सिंचाई में उपयोगी 19579 सोलर पम्प लगाए हैं। 

गांव में घर-घर तक 01 लाख 80 हजार सोलर पावर संयंत्रों की स्थापना ने गांव की तस्वीर बदल दी है। पहली बार प्रदेश में 3400 सोलर आरओ वाटर संयंत्रों को प्राथमिक विद्यालयों में लगवाया गया है ताकि बच्चों को शुद्ध पानी स्कूल में ही मिल सके। योगी सरकार शुरू से प्रयास कर रही है कि प्रदेश में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाया जाय ताकि पारम्परिक बिजली पर निर्भरता कम हो औऱ बिजली संकट से प्रदेश की जनता छुटकारा मिल सके।

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