निवेश और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा
एसवीपीईआईजेड में कौशल विकास केंद्र, प्लग एंड प्ले औद्योगिक शेड, रोजगार सहायता केंद्र, उद्यमिता सहायता केंद्र, साझा सुविधा केंद्र, डिजिटल साक्षरता, विदेशी भाषा प्रशिक्षण और आधुनिक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उद्यमियों को तैयार औद्योगिक परिसर मिलने से कम समय में उत्पादन शुरू किया जा सकेगा, जिससे निवेश और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
प्रदेश को गौतमबुद्ध नगर, लखनऊ-अयोध्या, कानपुर-प्रयागराज, वाराणसी-आजमगढ़, गोरखपुर-बस्ती समेत नौ औद्योगिक जोन में विकसित किया जाएगा। जहां भूमि कम होगी, वहां बहुमंजिला औद्योगिक परिसर और फ्लैटेड फैक्ट्री मॉडल अपनाया जाएगा।
परियोजना के संचालन के लिए प्रत्येक हब में विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) का गठन होगा और प्रमुख निवेशक को उसका अध्यक्ष बनाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य एसवीपीईआईजेड को केवल औद्योगिक क्षेत्र नहीं, बल्कि निवेश, कौशल विकास, रोजगार और नवाचार का समेकित केंद्र बनाना है, जिससे उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी विनिर्माण और रोजगार सृजन केंद्र बन सके।