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यूपी : पिछले 24 घंटे में कोरोना के 142 नए मरीज

Wed, 18 May 2022 02:43 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

बच्चों के टीकाकरण को और तेज करने की आवश्यकता है। 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों में बड़ी संख्या अभी टीकाकवर नहीं ले सके हैं। इसे तेज करने की जरूरत है।
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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यूपी में 32 करोड़ 15 लाख से अधिक कोविड टीकाकरण के साथ ही 18 प्लस आयु की पूरी आबादी को टीके की कम से कम एक डोज लग चुकी है, जबकि 90% से अधिक वयस्क लोगों को दोनों खुराक मिल चुकी है। बच्चों के टीकाकरण को और तेज करने की आवश्यकता है। 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों में बड़ी संख्या अभी टीकाकवर नहीं ले सके हैं। इसे तेज करने की जरूरत है। 18 प्लस आयु के लोगों को बूस्टर डोज दिए जाने में तेजी की अपेक्षा है। बूस्टर डोज की महत्ता और बूस्टर टीकाकरण केंद्रों के बारे में आमजन को जागरूक किया जाए।

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प्रदेश में वर्तमान में कुल एक्टिव केस की संख्या 948 है। इनमें 892 मरीज होम आइसोलेशन में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। विगत 24 घंटों में एक लाख 34 टेस्ट किए गए और 142 नए कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई। इसी अवधि में 214 लोग स्वस्थ होकर कोरोना मुक्त भी हुए। 

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क लगाया जाने की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू की जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं के व्यापक हित के दृष्टिगत राज्य सरकार ने पिछले तीन दशकों से बंद पड़े राज्य सरकार के एएनएम/जीएनएम प्रशिक्षण संस्थानों के पुनर्संचालन का निर्णय लिया है। एएनएम/जीएनएम के बेहतर प्रशिक्षण के लिए अवस्थापना सुविधाओं के विकास की जरूरत है। ऐसे में हर संस्थान में मानकों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए। यह सुनिश्चित करायें कि हर संस्थान में फैकल्टी पर्याप्त हो, स्तरीय हो।
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इंसेफेलाइटिस सहित विभिन्न जल जनित बीमारियों, कोविड प्रबंधन सहित लोक स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमें यूनिसेफ, डब्ल्यूएचओ, बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन और पाथ जैसी वैश्विक संस्थाओं से अच्छा सहयोग प्राप्त हुआ है। इन संस्थाओं के प्रतिनिधियों से सतत संवाद बनाये रखा जाए। संवाद-संपर्क के माध्यम से निकट भविष्य में प्रदेश वासियों के हित में और भी नई परियोजनाएं शुरू की जा सकेंगी।

आकांक्षात्मक जनपदों की प्रगति समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने दिए ये निर्देश

नीति आयोग द्वारा चिह्नित प्रदेश के आठ आकांक्षात्मक जनपदों (बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, सोनभद्र, चंदौली, फतेहपुर, चित्रकूट, बहराइच और श्रावस्ती) में विकास के सभी मानकों पर सराहनीय कार्य किया जा रहा है। नीति आयोग द्वारा सतत रियल टाइम मॉनीटरिंग डैशबोर्ड (चैंपियन ऑफ चेंज) के अनुसार जारी रैंकिंग में इन जिलों ने अच्छा स्थान प्राप्त किया है। देश के कुल 112 आकांक्षात्मक जिलों में सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने वाले जिलों की नवीनतम सूची में यूपी के पांच जिले शीर्ष 10 में शामिल हैं। बलरामपुर प्रथम स्थान पर है। यह स्थिति संतोषजनक है।

आकांक्षात्मक जिलों के तय विकास मानकों के सम्बंध में अद्यतन स्थिति का सतत आकलन किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि डेटा सटीक हो, त्रुटिरहित हो और सही स्थिति को परिलक्षित करता हो। डेटा की जांच के लिए स्वतंत्र एजेंसी/संस्थाओं का सहयोग लेने पर भी विचार किया जाए।

आकांक्षात्मक जनपदों की तर्ज पर ही 100 आकांक्षात्मक विकासखंडों के चयन कर इनके सामाजिक आर्थिक सुधार के लिए विशिष्ट प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास तथा आधारभूत संरचना के विविध मानकों पर इन आकांक्षात्मक विकासखंडों के समग्र विकास के प्रयास किए जाएं। विकास इंडिकेटर में बीसी सखी, ग्राम सचिवालय, अमृत सरोवर जैसे दूरगामी परिणामदायक प्रयासों को भी सम्मिलित किया जाए।

मार्च 2022 को बेसलाइन मानते हुए चयनित इंडिकेटर पर ब्लॉकवार अद्यतन सूचना वर्तमान माह के अंत एक एकत्रित कर ली जाए। इसके उपरांत हर माह की 15 तारीख तक संबंधित जिलों द्वारा अद्यतन प्रगति विवरण फीड की जाए। इसकी पुष्टि सम्बंधित विभागों द्वारा भी कराई जाए।

आकांक्षात्मक विकास खंडों की सतत मॉनीटरिंग और वास्तविक स्थिति के सटीक आंकलन के लिए आईआईटी कानपुर और आईआईएम लखनऊ के विद्यार्थियों का सहयोग लिया जाना चाहिए। राज्य सरकार के प्राविधिक एवं तकनीकी विश्वविद्यालयों/संस्थानों के छात्रों को भी इससे जोड़ा जाए।

आकांक्षात्मक विकास खंडों में तैनात होने वाले ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (बीडीओ) को अन्यत्र किसी और ब्लॉक का अतिरिक्त प्रभार न दिया जाए। इन क्षेत्रों में अपेक्षाकृत युवा, ऊर्जावान और विजनरी अधिकारियों की तैनाती की जानी चाहिए।

संबंधित एसडीएम को इस विकास खंड का नोडल अधिकारी नामित किया जाए। यह नोडल अधिकारी विकास खंड में होने वाले विकास कार्यों, उपलब्ध कराए जा रहे डेटा की शुचिता और वास्तविकता के प्रति जवाबदेह होगा।

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