उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 11 सीटों के चुनाव के बाद भाजपा मजबूत हुई है वहीं सपा संख्या बल की दृष्टि से राज्यसभा में कमजोर हुई है। वहीं राष्ट्रीय लोकदल का भी राज्यसभा में खाता खुल गया है। राज्यसभा में यूपी कोटे की 31 सीटें है।राज्यसभा चुनाव से पहले भाजपा की 22, सपा की पांच, बसपा की तीन और कांग्रेस के खाते में एक सीट थी। भाजपा के पांच, सपा के तीन, बसपा के दो और कांग्रेस के एक सदस्य सहित कुल 11 सदस्यों का कार्यकाल समाप्त 4 जुलाई को समाप्त हो रहा है। 11 सीटों पर हुए चुनाव में सभी 11 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए है।
चार जुलाई के बाद राज्यसभा में यूपी से भाजपा के सदस्यों की संख्या 22 से बढ़कर 25 हो गई है। जबकि सपा के सदस्यों की संख्या पांच से घटकर तीन रह जाएगी। हालांकि निर्दलीय कपिल सिब्बल और रालोद के जयंत चौधरी सपा के समर्थन से ही निर्विरोध राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हुए है। जयंत चौधरी के रूप में लंबे अर्से बाद राज्यसभा में रालोद का खाता खुला है। राज्यसभा में अब सपा के प्रो. रामगोपाल यादव, फिल्म अभिनेत्री जया बच्चन, जावेद अली है। बीते तीन दशक में बसपा राज्यसभा में सबसे कमजोर स्थिति में पहुंच गई है। राज्यसभा में एक मात्र रामजी गौतम बसपा के एक मात्र सदस्य बचेंगे।