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यूपी: जमीन अधिग्रहण घोटाले में चार राजस्व निरीक्षक समेत 10 कर्मचारी दोषी, सीएम ने दिए सस्पेंड करने के आदेश

Wed, 13 Nov 2024 10:44 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Yogi government decision: नियुक्ति विभाग की रिपोर्ट में कार्यालय सक्षम प्राधिकारी भूमि अध्याप्ति जौनपुर में तैनात राजस्व निरीक्षक संतोष तिवारी, उदयराज, शिवकुमार व बृजेश सिंह को फर्जी भुगतान में दोषी ठहराया गया है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जौनपुर में हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण में किए गए घोटाले में चार राजस्व निरीक्षकों समेत 10 कर्मचारी दोषी मिले हैं। घोटाले में 4 करोड़ रुपये से ज्यादा का फर्जी भुगतान किया गया था। इसके लिए जाली दस्तावेजों के सहारे 46 काश्तकार खड़े किए गए थे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषी सभी 10 कर्मचारियों व अधिकारियों को निलंबित करने के आदेश दे दिए हैं। नियुक्ति विभाग ने कार्रवाई के लिए संबंधित फाइल राजस्व विभाग को भेज दी है।
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जौनपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-135 ए (मडियाहूं बाईपास), 56-731 बी के लिए चार तहसीलों बदलापुर, मडियाहूं, मछलीशहर और सदर के कुल 14 गांवों में जमीन अधिग्रहीत की गई थी। जांच में सामने आया कि सक्षम प्राधिकारी, भूमि अध्याप्ति-राष्ट्रीय राजमार्ग कार्यालय की मदद से 46 काश्तकारों की फर्जी पत्रावलियां तैयार की गईं। उन्हें भुगतान के लिए 4,54,42,759 रुपये का चेक जारी किया गया। इसमें 4,00,29,741 रुपये का भुगतान भी कर दिया गया। शेष 54,13,018 का चेक जांच समिति ने रद्द कर दिया।

ये कर्मचारी दोषी
नियुक्ति विभाग की रिपोर्ट में कार्यालय सक्षम प्राधिकारी भूमि अध्याप्ति जौनपुर में तैनात राजस्व निरीक्षक संतोष तिवारी, उदयराज, शिवकुमार व बृजेश सिंह को फर्जी भुगतान में दोषी ठहराया गया है। इसके अलावा अमीन मिलानकर्ता के पद पर तैनात अनिल यादव, अनिल मंडल, हिमांशु शर्मा, रोबिन साहू, आशीष कुमार सिंह और सौरभ मौर्या भी दोषी पाए गए हैं। शासन के सूत्रों के मुताबिक इस मामले में आगे की कार्रवाई राजस्व परिषद को करनी है। इसलिए यह रिपोर्ट परिषद को भेजी जा रही है। बता दें, इस मामले में अपर जिलाधिकारी भू राजस्व व सक्षम प्राधिकारी भूमि अध्याप्ति गणेश प्रसाद को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
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