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उन्नाव केस: पीड़िता के परिजनों से मिलीं प्रियंका गांधी, कहा- एक साल से परिवार को धमाकाया जा रहा था

Sat, 07 Dec 2019 11:03 AM IST
शाहरुख खान ब्यूरो, अमर उजाला, लखनऊ
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परिवारवालों से मिली प्रियंका गांधी वाड्रा - फोटो : ANI
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उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद शनिवार दोपहर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उनकी परियनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवारवालों को आश्वासन देते हुए कहा कि वो उनके साथ खड़ी हैं और उन्हें न्याय दिलाने में हर संभव सहायता करेंगी।
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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि कोई और मुख्यमंत्री होता हो खुद ही घटना की जिम्मेदारी लेता और इस्तीफा दे देता। मुख्यमंत्री योगी को पूरी घटना की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से पीड़िता का परिवार को परेशान किया जा रहा था। मैंने सुना है कि आरोपियों के भाजपा के साथ संबंध हैं, इसीलिए उन्हें अबतक सुरक्षा मिलती रही है। राज्य में अपराधियों के बीच कोई डर ही नहीं है।
 


वहीं पीड़िता की भाभी ने बताया कि प्रियंका गांधी ने उन्हें न्याय की लड़ाई में साथ देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी एक ही मांग है कि दोषियों को सजा-ए-मौत की जाए। इसके बाद ही पीड़िता की आत्मा को शांति मिलेगी। प्रियंका दो दिवसीय प्रवास पर लखनऊ आई हुईं थीं, प्रियंका गांधी ने आज के अपने सभी कार्यक्रम निरस्त कर दिए और उन्नाव पहुंचीं।
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इससे पहले प्रियंका गांधी ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की मौत पर दुख जताया था। उन्होंने ट्वीट करते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर हमला भी बोला। उन्होंने कई तीखे सवाल किए हैं। 

प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर लिखा कि 'मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि उन्नाव पीड़िता के परिवार को इस दुख की घड़ी में हिम्मत दे' उन्होंने आगे लिखा कि 'यह हम सबकी नाकामयाबी है कि हम उसे न्याय नहीं दे पाए। सामाजिक तौर पर हम सब दोषी हैं लेकिन ये उत्तर प्रदेश में खोखली हो चुकी कानून व्यवस्था को भी दिखाता है।'

उन्नाव की पिछली घटना को ध्यान में रखते हुए सरकार को तत्काल पीड़िता को सुरक्षा क्यों नहीं दी गई? जिस अधिकारी ने उसका FIR दर्ज करने से मना किया उस पर क्या कार्रवाई हुई? उप्र में रोज रोज महिलाओं पर जो अत्याचार हो रहा है, उसको रोकने के लिए सरकार क्या कर रही है ?
 

 
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उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता ने शुक्रवार की रात 11.40 बजे सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। 44 घंटे तक जिंदगी की जंग लड़ने वाली पीड़िता अपने आखिरी समय में भी आरोपियों को सजा दिलाने की ही बात करती रही।

बता दें कि पीड़िता को गुरुवार देर रात लखनऊ के सिविल अस्पताल से एयरलिफ्ट करके सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पीड़िता ने इलाज के दौरान अपने भाई से  आखिरी बार कहा था कि जिन्होंने मेरी ऐसी हालत की है, उन्हें छोड़ना मत। साथ ही उसने यह भी कहा था कि अभी वह मरना नहीं चाहती है।

गौरतलब है कि उन्नाव में गुरुवार को दुष्कर्म पीड़िता पर आरोपियों ने पेट्रोल डालकर उसे जलाकर मारने की कोशिश की। इसमें पीड़िता 90 फीसदी जल गई थी। चश्मीदीदों के मुताबिक पीड़िता आग लगने के बाद करीब एक किमी तक मदद की गुहार लगाते हुए दौड़ती रही थी। यहां तक की उसने खुद ही 112 पर फोन कर पुलिस को घटना की जानकारी दी थी, जिसके बाद वहां पुलिस की टीम और एंबुलेंस पहुंची थी।
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