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यूपी में खुलेगी एक और यूनिवर्सिटी, यहां पढ़कर आपदा प्रबंधन में हो जाएंगे एक्सपर्ट

Thu, 21 Dec 2017 04:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : demo
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प्रदेश में दैवीय आपदाओं से बचाव और जल्द राहत पहुंचाने की पढ़ाई व प्रशिक्षण के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट (आपदा प्रबंधन विश्वविद्यालय) की स्थापना की जाएगी। इसके लिए जापान से सहयोग लिया जाएगा। मुख्य सचिव राजीव कुमार ने इस बाबत अधिकारियों को प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।
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वह बुधवार को यहां जापानी दूतावास के मिनिस्टर (इकोनॉमिक डवलपमेंट) केन्को सोने के साथ बैठक कर रहे थे। मुख्य सचिव ने सोने से 21 व 22 फरवरी को लखनऊ में आयोजित इंवेस्टर्स मीट में जापान के ज्यादा से ज्यादा उद्यमियों को भेजने का आग्रह किया। इसके अलावा जापान के सहयोग से प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर चलने वाली योजनाओं व कार्यों की भी समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने सोने से जापान के सहयोग से वाराणसी के गंगा एक्शन प्लान, आगरा में जलापूर्ति परियोजनाओं तथा वन व्यवस्था के लिए किए जा रहे कामों में और तेजी लाने अनुरोध किया। कहा कि बुनियादी ढांचा के विकास व अनुसूचित जाति के उत्थान के लिए कुटियावा व अंबेडकर नगर में प्राथमिक पाठशाला खोलने, गोरखपुर के फातिमा अस्पताल में चिकित्सीय उपकरणों उपलब्ध कराए जाएं।
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सोने को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार जापानी कंपनी इन एशिया को यूपी में निवेश करने के लिए सारी सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। बैठक में प्रमुख सचिव पशुधन सुधीर एम बोबडे, प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार, प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य प्रशांत त्रिवेदी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी शामिल थे।
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गंगा किनारे के अन्य शहरों की सफाई में जापान सहयोग को तैयार

केन्को सोने ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आग्रह पर जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने वाराणसी कन्वेंशन सेंटर में सहयोग देने की स्वीकृति दे दी है। यह प्रधानमंत्री एवं शिंजो अबे की दोस्ती का प्रतीक होगा।  कहा कि जापानी भाषा को काशी हिंदू विश्वविद्यालय के जरिए लोगों तक पहुंचाने का काम 2016 में शुरू हुआ था।

इससे आईआईटी कानपुर और टोक्यो विश्वविद्यालय के बीच पारस्परिक संबंध मजबूत होंगे। इससे उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार बढ़ेगा। स्वच्छ गंगा-स्वच्छ भारत के तहत जापान द्वारा गंगा एक्शन प्लान परियोजना का क्रियान्वयन कराया जा रहा है। इसके अंतर्गत सीवेज ट्रीटमेंट सुविधा व सार्वजनिक शौचालयों का प्रावधान किया गया है।

जापान इसी तरह की योजना को गंगा के किनारे के शहरों के साथ अन्य शहरों में भी लागू करने को तैयार है। उन्होंने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के तेजी से निर्माण पर खुशी जताई।
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