बैठक में शामिल कांग्रेस के वरष्ठि नेता
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कांग्रेस ने पूर्व विधायकों के साथ बैठक करके संगठन को और अधिक मजबूत करने की रणनीति बनाई। संकल्प लिया कि वर्ष 2022 में यूपी में पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में सरकार बनाएंगे। पूर्व विधायकों ने पार्टी संगठन को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि पूर्व विधायकों के सहयोग, सुझाव और उनकी भागीदारी संगठन को मजबूत करेगी। उन्होंने पूर्व विधायकों से राजीव गांधी सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता को सफल बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के माध्यम से पार्टी छात्रों और युवाओं के बीच अपनी पैठ को मजबूत कर सकती है।
लल्लू ने कहा कि कोरोना महामारी के दौर में पूर्व विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जरूरतमंदों की मदद की। प्रियंका गांधी की उपलब्ध कराई गईं 1000 बसों को जब वह लेकर आगरा पहुंचे, तो पहले तो प्रदेश सरकार ने इन्हें लेने के लिए कहा और बाद में बसों को न लेकर उन्हें फर्जी मुकदमे में जेल भेज दिया। पूर्व विधायकों ने जिस तरह से उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ सड़कों पर संघर्ष किया, वह तारीफे काबिल है। पूर्व विधायकों के सहयोग से ही प्रदेश में कांग्रेस अपनी खोई हुई ताकत को पुन: प्राप्त करेगी।
पूर्व विधायक श्याम किशोर शुक्ल ने कहा कि जनता के मुद्दों पर अधिक से अधिक संघर्ष करके हम संगठन को और मजबूती दे सकते हैं। पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि पूरा प्रदेश आज प्रियंका गांधी की ओर देख रहा है। सभी पूर्व विधायकों ने सदन से सड़क तक संघर्ष पर जोर दिया। बैठक में पूर्व मंत्री रामलाल राही, पूर्व मंत्री आरके चौधरी, पूर्व सांसद मो. मुकीम, पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह, पूर्व विधायक संजीव दरियाबादी आदि मौजूद रहे।
गिरती जीडीपी ने किसानों की कमर तोड़ी : किसान कांग्रेस
किसान कांग्रेस उत्तर प्रदेश मध्य जोन के कार्यकर्ताओं की बुधवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर बैठक हुई। मध्य जोन के अध्यक्ष तरुण पटेल ने कहा कि कोरोना काल में गिरती जीडीपी ने सबसे ज्यादा किसानों की कमर तोड़ी है। यूरिया की किल्लत, फसल की लागत में बेहिसाब वृद्धि और उपज का उचित मूल्य न मिलने से किसान कराह रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में तहसील कमेटी गठित की जाएंगी। प्रदीप सिंह राठौर ने राजीव गांधी सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के लिए अधिक से अधिक किसानों के बच्चों को शामिल करने के लिए रजिस्ट्रेशन कराने पर जोर दिया। बैठक में मध्य जोन के 29 जिलों की 136 तहसीलों से आए किसान नेता मौजूद रहे।