खुफिया विंग के अधिकारियों के मुताबिक, करीब छह महीने पहले हिना को पता चला कि अरविंद फर्जी लेफ्टिनेंट कर्नल है तो वह भड़क गई। उसने बहराइच शहर कोतवाली में अरविंद और उसके परिवारीजनों के खिलाफ जालसाजी व दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया। बाद में समझौता हुआ और साथ में लखनऊ में रहने लगी। कुछ दिन बाद हिना ने अरविंद को मोबाइल पर एक एनआरआई महिला से चैटिंग करते पकड़ लिया। इसके बाद हिना ने एनआरआई महिला के मोबाइल व सोशल साइट पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। जिसकी शिकायत एनआरआई ने हजरतगंज महिला थाने पर की थी। लेकिन कोई केस दर्ज नहीं हुआ था। अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में अरविंद का साथ छोड़कर हिना कश्मीर चली गई थी।
अरविंद ने आईबी व एटीएस की पूछताछ में हिना के संबंध में कई महत्वपूर्ण राज उगले। हिना के कुछ रिश्तेदार भी खुफिया एजेंसियों के राडार पर हैं।
बड़ी बहन उठाती थी हिना का खर्च
पूछताछ में अरविंद ने बताया कि हिना एक सामाजिक संगठन चलाती थी और उसका खर्च बड़ी बहन उठाती थी। कई बार अरविंद को जरूरत पर उसने मोटी रकम कश्मीर से उसके खाते में ट्रांसफर कराई थी।