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प्रयाग में नदियों का नहीं गंदगी का संगम: उमा भारती

Sun, 14 Dec 2014 10:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
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इलाहाबाद में गंगा-यमुना में गिरते नालों और संगम क्षेत्र में फैली गंदगी को लेकर केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनरुद्धार मंत्री उमा भारती ने तल्ख टिप्पणी की है। साथ ही प्रयाग से कुछ बड़े ऐलान भी किए। रविवार की सुबह शहर पहुंचीं उमा ने कहा कि प्रयाग की गंदगी देख कष्ट हुआ।
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यहां गंदगी का संगम है। इसमें सुधार के लिए ईको टास्क फोर्स बनाई गई है। इसमें सेना की पांच बटालियन रहेंगी। एक बटालियन इलाहाबाद में भी रहेगी। गंगा में प्रदूषण की निगरानी, पौधे लगाने, सफाई करने, प्लास्टिक गिरने, मूर्तियों के विसर्जन न होने देने जैसे काम करेगी। साथ ही गंगा वाहिनी का गठन किया जाएगा। इसके सदस्यों को टास्क फोर्स प्रशिक्षित करेगी।

मंत्रालय गंगा के किनारे स्थित 50 गांवों को मॉडल रूप में विकसित करने की योजना बना रहा है। इन्हीं की तर्ज पर ग्रामीण मंत्रालय गंगा के किनारे स्थित 1600 गांवों को विकसित करेगा।
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कैबिनेट मंत्री ने कांग्रेस पर हमला भी बोला। कहा, कांग्रेस ने संसद में गंगा मिशन की जानकारी नहीं रखने दी। पिछले शुक्रवार को कार्य योजना जारी कर दी है।

इस तरह होगी गंगा की सफाई

उमा भारती ने कहा सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई पर यह रिपोर्ट रखी जाएगी। इसे शार्ट, मीडियम और लांग टर्म स्कीम में बांटा गया है। कम अवधि वाले कार्य डेढ़ से दो साल में दिखने लगेंगे। मध्यम अवधि वाले तीन से चार साल में दिखेंगे।

प्रदूषण रोकने के लिए फैक्ट्रियों को मार्च 2015 तक प्रदूषित पानी रोकने का नोटिस दे दिया गया है। गंगा-यमुना सूख गई हैं। इनमें पर्याप्त पानी के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से बात हुई है। गंगा में पर्याप्त पानी के लिए किनारे के 40 तालाबों में बारिश का पानी इकट्ठा किया जाएगा। बेंती तालाब भी योजना में शामिल है। यमुना किनारे भी तालाब बनाएंगे।

संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि 30-40 देशों के राजदूतों ने मिलकर गंगा की सफाई के लिए तकनीक देने का प्रस्ताव दिया है। कई फंडिंग एजेंसियां वित्तीय मदद के लिए भी तैयार हैं।

डेढ़ साल में दिखेगा रीवर फ्रंट डेवलपमेंट का कार्य

शहर में डेढ़ से दो साल में रीवर फ्रंट डेवलपमेंट का कार्य दिखने लगेगा। इसका दावा कैबिनेट मंत्री उमा भारती ने किया। कहा, गंगा मिशन योजना बनाते समय यह ध्यान में था कि प्रयाग में कुछ कमी न रह जाए।

साबरमती रीवर फ्रंट डेवलपमेंट की तरह इलाहाबाद में पहले चरण का कार्य जल्द शुरू हो जाएगा। इसके लिए शहर की मेयर को दो बार दिल्ली बुलाकर चर्चा हो चुकी है। डीपीआर बनाया जा रहा है। उधर, बड़े हनुमान मंदिर तक गंगा की धारा लाने की योजना पर उन्होंने कहा कि इसके लिए साधु-संत एकमत नहीं हैं।

माघ मेले में भरपूर मिलेगा जल
माघ मेले में स्नानार्थियों के लिए साफ जल की कमी नहीं होगी। 20 दिसंबर को लखनऊ में बैठक होगी। इसमें मंत्रालय के अफसर भी रहेंगे। उमा भारती ने कहा कि गंगा में गिरने वाले 180 नाले और यमुना में 18 नाले चिह्नित किए गए हैं। यह ऐसे नाले हैं जो दोनों नदियों का पूरा पानी प्रदूषित कर रहे हैं।
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ये भी बदलाव होंगे गंगा के किनारे

उमा भारती ने कहा कि नदियों के किनारे अब एसटीपी नहीं बनाए जाएंगे। जो एसटीपी पहले से बन चुके हैं, उनकी डिजाइन में बदलाव के लिए कहा गया है। साथ ही सीवर लाइनों के मुंह नदियों की ओर करने से रोका गया है। इलाहाबाद में बने एसटीपी भी इससे प्रभावित होंगे।
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