राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ‘घर वापसी’ अर्थात धर्मांतरण को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं है। संघ इस मुद्दे पर शुरू हुए विवादों की चिंता किए बगैर कुछ बदले तरीके से पूरे प्रदेश में इस अभियान को फैलाने की योजना और उस पर अमल की रणनीति बनाने में जुट गया है।
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इसके तहत पहले चरण में जनसंपर्क और जनजागरण कार्यक्रम चलेंगे। दूसरे चरण में वापस हिंदू बनने वालों की सूची तैयार की जाएगी। तीसरे चरण में कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी और चौथे चरण में आयोजन व समारोह करके इस अभियान को परवान चढ़ाया जाएगा।
इस सिलसिले में लखनऊ स्थित संघ के एक कार्यालय में शनिवार को बैठक हुई। इसमें हाल ही विदेश के कामकाज से मुक्त करके उत्तर प्रदेश में लगाए गए एक प्रचारक ने विभिन्न जिलों से आए युवकों से करीब दो घंटे तक बातचीत की। जानकारी के मुताबिक, इन युवकों को आगे की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
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इस तरह चलेगा अभियान
धर्म जागरण विभाग और हिंदू जागरण मंच, विश्व हिंदू परिषद की धर्म प्रसार समिति की टोलियां उन लोगों की तलाश करेंगी जो वापस हिंदू बनना चाहते हैं। उन्हें बताया जाएगा कि वे मूल रूप से हिंदू ही हैं, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों व मजबूरी के चलते उनके पूर्वजों को इस्लाम धर्म स्वीकार करना पड़ा।
जो लोग ईसाई और इस्लाम के नाम पर उन्हें हिंदुओं के खिलाफ उकसा रहे हैं, वे उनके (भारतीय मुसलमानों व ईसाइयों) भी हितैषी नहीं हैं। जनजागरण के बाद जो परिवार ‘घर वापसी’ को तैयार होंगे, उनकी काउंसलिंग कराई जाएगी।
फिर धर्म परिवर्तन की कानूनी प्रक्रिया पूरी कराकर धार्मिक संस्कारों के जरिये उन्हें विधिवत हिंदू बनाया जाएगा। इस तरह के कई परिवार होने के बाद क्षेत्रवार बड़े आयोजन करके इसकी सार्वजनिक घोषणा की जाएगी।
इस अभियान से जुड़े एक सज्जन कहते हैं कि ‘घर वापसी’ करने वाले परिवारों को यह डर सताता है कि वापस हिंदू बन गए तो लोग क्या आसानी से उनके बच्चों के साथ रिश्ता जोड़ेंगे? इसीलिए तय किया गया है कि समाज में ऐसे परिवारों की तलाश का भी अभियान चलेगा जो इन लोगों से रिश्ता जोड़ने को तैयार हों। इसके लिए हिंदू परिवारों को जागरूक किया जाएगा।
भाजपा ने लगाई अपनी पूरी ताकत
वैसे तो गोरखपुर से भाजपा सांसद मंहत आदित्यनाथ के संगठन हिंदू युवा वाहिनी ने 16 और 18 दिसंबर को गोरखपुर व गाजीपुर में कार्यक्रम घोषित किए हैं, पर विवाद के तूल पकड़ने के बाद अब संघ ने भी अपने संगठनों को इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी के लिए कह दिया है।
जहां तक अलीगढ़ में 25 दिसंबर को प्रस्तावित ‘घर वापसी’ के कार्यक्रम का सवाल है तो यह संघ के धर्म जागरण विभाग के पश्चिम क्षेत्र के प्रभारी राजेश्वर की तरफ से ही आयोजित किया जाता था। पर, अब अन्य संगठनों को भी इसे सफल बनाने के लिए कह दिया गया है।
धर्म जागरण विभाग के क्षेत्र प्रभारी रामलखन तर्क देते हैं कि जिसे धर्मांतरण कहा जा रहा है, वह धर्मांतरण नहीं, बल्कि धर्म परावर्तन है। स्वामी विवेकानंद, डॉ. अंबेडकर और स्वामी दयानंद व श्रद्धानंद को पढ़ें तो धर्मांतरण और धर्म परावर्तन का अर्थ समझ में आ जाएगा। रामलखन कहते हैं, धर्मांतरण तो मुसलमानों और ईसाइयों की तरफ से कराया जाता है। हम तो सिर्फ यह कोशिश कर रहे हैं कि जो लोग वापस हिंदू बनना चाहते हैं, उनकी ‘घर वापसी’ करा दी जाए।
विश्व हिंदू परिषद की धर्म प्रसार समिति के राष्ट्रीय प्रमुख धर्मनारायण कहते हैं कि कुछ लोग हिंदुओं की एकजुटता से डर गए हैं। लोकसभा चुनाव में जिस तरह भाजपा को अपने बूते पर बहुमत मिला है, उसने कथित धर्मनिरपेक्ष दलों को डरा दिया है।
इसीलिए वे इस मुद्दे को अनावश्यक तूल दे रहे हैं। पर, हम भी इससे दबने वाले नहीं। ‘घर वापसी’ कार्यक्रम जारी रहेगा। भाजपा सांसद महंत आदित्यनाथ का फोन बंद होने के कारण उनसे तो बात नहीं हो पाई, पर उनके संगठन हिंदू युवा वाहिनी के प्रभारी राघवेंद्र प्रताप सिंह कहते हैं कि गोरखपुर व गाजीपुर में निर्धारित तारीखों पर कार्यक्रम जरूर होगा।
हालांकि यह सब किस तरह होगा, इस बारे में अभी नहीं बताया जा सकता। वे कहते हैं कि पिछले दस वर्षों से हर साल लोगों की ‘घर वापसी’ होती है। किसी से कोई जोर-जबर्दस्ती नहीं की जाती।