अमूमन जिस उम्र में महिलाएं अपने नाती-पोतों के बीच घर पर समय बिताना पसंद करती हैं, उस उम्र में 55 साल की आशा सिंह एथलेटिक्स में दिन-ब-दिन सफलता के नए आयाम को छूती जा रही है।
हालिया उपलब्धि के तहत ‘अल्ट्रा रनर’ के नाम से चर्चित वेटरन एथलीट का चयन लंदन में अगले साल होने वाली वर्ल्ड मैराथन चैंपियनशिप के लिए हुआ है। चैंपियनशिप के महिला वर्ग में भाग लेने वाली आशा एकमात्र भारतीय हैं।
आशा का चयन इस साल नवंबर में लखनऊ में हुई मैराथन में निकाले समय (तीन घंटे 41 मिनट 39 सेकंड) के आधार पर हुआ, जो विश्व में 55 से अधिक आयुवर्ग में शीर्ष पांच महिलाओं में निकाले गए समय में शुमार है। मंगलवार को उन्हें लंदन में दो अक्तूबर को होने वाली वर्ल्ड मैराथन चैंपियनशिप में भाग लेने के संबंध में आयोजकों से पत्र प्राप्त हुआ।
दो बच्चों की दादी के नाम अनोखे रिकॉर्ड
साढ़े तीन साल के पोते और एक साल की पोती की दादी आशा सिंह ने वर्ष 2016 में शौकिया तौर पर अपने पति बजरंग बहादुर के साथ वॉक शुरू की थी, जो धीरे-धीरे उनका जुनून बन गया। छह साल के कॅरिअर में उन्होंने 100 किमी. की दूरी चार बार मापी, जबकि 50 किमी. की दूरी दो बार तय कर चुकी है। मैराथन (42.2 किमी) की बात करे तो आशा तकरीबन 30 मैराथन दौड़ पूरी कर चुकी हैं, जो उनके रनिंग के प्रति जज्बे को दर्शाता है। हाल ही में आशा ने दिल्ली में आयोजित इंडिया ओपन 24 ऑवर रन में भाग लिया, जहां उन्होंने पूरे निर्णायकों द्वारा तय ब्रेक लेकर 24 घंटे तक लगातार दौड़ लगाई। इस साल जनवरी माह में उन्होंने 12 घंटे में 115 किमी. की दौड़ लगाने का अनोखे कारनामा भी अंजाम दिया।
आज का दिन हमेशा रहेगा खास
आज का दिन मेरे लिए हमेशा खास रहेगा, क्योंकि आज मुझे लंदन मैराथन का हिस्सा बनने का मौका मिला है। अपने पति का खास तौर पर आभार जताना चाहती हूं, जिन्होंने मुझे पचास की उम्र के बाद रनिंग के लिए प्रेरित किया। लंदन मैराथन में भाग लेना मेरा लक्ष्य नहीं है, बल्कि मैं वहां पदक जीतकर देश और अपने शहर का नाम रोशन करना चाहती हूं। कड़ा ट्रेनिंग शेड्यूल बना लिया है ताकि अगले साल अक्टूबर तक खुद को मैराथन के लिए तैयार कर सकूं।
- आशा सिंह