महंत परमहंस को हर वर्ग का भरपूर समर्थन मिल रहा है। गुरूद्वारा ब्रह्मकुंड के महंत ज्ञानी गुरूजीत सिंह ने अनशन स्थल पर पहुंचकर महंत परमहंस दास को तलवार भेंट की। ज्ञानीजी ने कहा कि मोदी के मन में राममंदिर है, अयोध्या न आने का मतलब यह नहीं है कि वह राममंदिर के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं। हमें विश्वास है कि उनके काल में ही राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।
रानोपाली उदासीन ऋषि आश्रम में गुरू पर्व महोत्सव में पहुंचे प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने महंत परमहंस दास के अनशन के सवाल पर कहा कि अनशन उनका विषय है। सरकार को सूचना है, सरकार अपना काम कर रही है। राममंदिर आस्था का विषय है। उस पर सुप्रीम कोर्ट भी 29 अक्टूबर से सुनवाई करने जा रही है। जब तक कोर्ट से कोई निर्णय नहीं होता तब तक सरकार कुछ नहीं कर सकती।
श्रीरामजन्म भूमि न्यास अध्यक्ष मणिराम दास छावनी के महंत नृत्यगोपाल दास महाराज ने कहा कि केंद्र में मोदी और राज्य मे योगी सरकार के रहते हुए श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण में हो रही देरी अब अखरने लगी है। वह चाहते हैं कि इस बहुप्रतीक्षित विषय का समाधान मोदी सरकार शीघ्र निकाले। न्यास अध्यक्ष शुक्रवार पांच अक्तूबर को दिल्ली में आयोजित संत उच्चाधिकार समिति की बैठक में रवाना होने से पूर्व अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। कहा हिंदू समाज को मोदी जी के आने से आशा बंधी है परंतु कब तक। उन्होंने कहा इसीलिए देश के प्रमुख संतों की यह बैठक होने जा रही है। धर्माचार्य अपनी भावनाओं से अवगत ही नही कराएंगे बल्कि आगे ठोस कदम भी उठाएंगे। उनके साथ रवाना होने वालों में केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल के वरिष्ठ सदस्य महंत कमलनयन दास, न्यास सदस्य पूर्व सांसद रामविलासदास वेदांती, महंत सुरेश दास, संत समिति अध्यक्ष महंत कन्हैया दास के साथ विहिप प्रवक्ता शरद शर्मा शामिल हैं।