फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

2032 करोड़ का बिजली बिल भेजा, कहा- जमा करना पड़ेगा

Thu, 24 Dec 2015 03:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजली बिल वह भी 2032 करोड़ रुपये का। शायद कोई भी सुनकर चकरा जाए। पर, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम ने मुरादाबाद के लघु उद्यमी पराग मित्तल को यह बिल भेजा है।
विज्ञापन


बिल देखकर हैरान-परेशान मित्तल जब स्थानीय अधिकारियों के पास पहुंचे तो उन्हें जमा करने की सलाह देकर टरका दिया गया। थक-हारकर उन्होंने राज्य विद्युत नियामक आयोग का दरवाजा खटखटाया है। आयोग ने पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन से तीन दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की है।

300 करोड़ यूनिट से ज्यादा दिखा दी खपत
बिजली कंपनियों की ओर से नियुक्त बिलिंग एजेंसियां किस तरह से काम कर रही हैं, मीटर की रीडिंग उसकी गवाही देता है। मित्तल ने 49 किलोवाट का कनेक्शन ले रखा है। बिलिंग एजेंसी ने 9 दिसंबर को मित्तल के मीटर में 300 करोड़ 92 हजार 466 यूनिट की खपत दिखाई है। इसका बिल हुआ 2032 करोड़ 7 लाख 8 हजार 464 रुपये।
विज्ञापन


जानकारों का कहना है कि 49 किलोवाट के कनेक्शन को रातों-दिन सालों चलाया जाए तो भी इतना बिल नहीं होगा। पर, मीटर में 9.99 लाख से ज्यादा रीडिंग ही दर्ज नहीं हो सकती।

लघु एवं मध्यम श्रेणी (एलएमवी-6) में लगाए जाने वाले मीटर में 9 लाख 99 हजार से ऊपर रीडिंग फीड ही नहीं हो सकती। इसके बाद दोबारा शून्य से रीडिंग दर्ज होती है।
विज्ञापन

चौंके आयोग चेयरमैन, पूछा-किसने फीड किया था बिल

पहली बार इतना बड़ा बिल देखकर नियामक आयोग के चेयरमैन देश दीपक वर्मा भी चौंके। उन्होंने फौरन पावर कॉर्पोरेशन से रिपोर्ट तलब करने के निर्देश दिए। आयोग के सचिव संजय श्रीवास्तव ने मंगलवार को कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष को पत्र भेजकर तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा है।

पत्र में यह भी कहा गया है कि बिल अत्यंत हास्यास्पद है और पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। आयोग ने यह भी पूछा है कि 300 करोड़ से ज्यादा यूनिट की खपत किसने कंप्यूटर बिलिंग के लिए फीड की।

प्रदेश की बिजली कंपनियों के एक साल के घाटे के बराबर बिल
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि यह बिल प्रदेश की बिजली कंपनियों के एक साल के घाटे के बराबर है। यह दुनिया का इकलौता सबसे बड़ा बिजली का बिल होगा। इससे साबित होता है कि कंपनियों की ओर से नियुक्त बिलिंग एजेंसियां किस हद तक मनमानी कर रही हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें