बिजली बिल वह भी 2032 करोड़ रुपये का। शायद कोई भी सुनकर चकरा जाए। पर, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम ने मुरादाबाद के लघु उद्यमी पराग मित्तल को यह बिल भेजा है।
बिल देखकर हैरान-परेशान मित्तल जब स्थानीय अधिकारियों के पास पहुंचे तो उन्हें जमा करने की सलाह देकर टरका दिया गया। थक-हारकर उन्होंने राज्य विद्युत नियामक आयोग का दरवाजा खटखटाया है। आयोग ने पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन से तीन दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की है।
300 करोड़ यूनिट से ज्यादा दिखा दी खपत
बिजली कंपनियों की ओर से नियुक्त बिलिंग एजेंसियां किस तरह से काम कर रही हैं, मीटर की रीडिंग उसकी गवाही देता है। मित्तल ने 49 किलोवाट का कनेक्शन ले रखा है। बिलिंग एजेंसी ने 9 दिसंबर को मित्तल के मीटर में 300 करोड़ 92 हजार 466 यूनिट की खपत दिखाई है। इसका बिल हुआ 2032 करोड़ 7 लाख 8 हजार 464 रुपये।
जानकारों का कहना है कि 49 किलोवाट के कनेक्शन को रातों-दिन सालों चलाया जाए तो भी इतना बिल नहीं होगा। पर, मीटर में 9.99 लाख से ज्यादा रीडिंग ही दर्ज नहीं हो सकती।
लघु एवं मध्यम श्रेणी (एलएमवी-6) में लगाए जाने वाले मीटर में 9 लाख 99 हजार से ऊपर रीडिंग फीड ही नहीं हो सकती। इसके बाद दोबारा शून्य से रीडिंग दर्ज होती है।