रसूखदार बंदियों की बीमारी की फर्जी रिपोर्ट बनाकर इलाज के बहाने जेल से बाहर भेजने के आरोप मे फंसे जिला जेल में तैनात फार्मासिस्ट शैलेन्द्र सिंह व बंदीरक्षक सुशील मिश्रा को निलंबित कर दिया गया है।
जेल मुख्यालय से इसका आदेश जारी हो गया। जेल मुख्यालय के अफसरों को मिले वीडियो में फार्मासिस्ट शैलेन्द्र बता रहा है कि रसूखदार बंदियों को वह मन चाहे अस्पताल में भर्ती करवा देगा। उसने कई रसूखदार बंदियों के नाम भी लिए, जो लाखों रुपये देकर शहर के अस्पतालों में भर्ती होकर मौज कर रहे हैं।
यह भी बताया कि बंदी अस्पताल में घर का खाना खाने के साथ अपनों के साथ आराम से रहने व अन्य सुविधाओं का लाभ भी ले सकता है।
वहीं, बंदियों को हर तरह के खान-पान की सामग्री पहुंचाने के आरोप मे निलंबित बंदीरक्षक सुशील कैंटीन प्रभारी डिप्टी जेलर समेत अधिकारियों का करीबी था। यही कारण है कि डिप्टी जेलर के साथ वह कैंटीन चला रहा था।