मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सचिवालय में सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के दो और भरोसेमंद पहुंच गए हैं।
मुलायम सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में नोएडा अथॉरिटी के सीईओ रहे प्रमुख सचिव गृह राकेश बहादुर को प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री रहे करनैल सिंह को मुख्यमंत्री का सलाहकार बनाया गया है।
विशेष सचिव के रूप में तेजतर्रार युवा अफसरों को बढ़ाकर सीएम ने पंचम तल पर कामकाज का माहौल बदलने का भी संकेत दिया है।
उल्लेखनीय है, 1980 बैच के आईएएस राकेश गर्ग मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के पद से मुक्त होकर पिछले दिनों केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली चले गए थे।
इसके बाद पंचम तल पर अनुभवी अधिकारियों की कमी हो गई थी। प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत अनीता सिंह 1990 बैच की आईएएस हैं जो सपा मुखिया मुलायम सिंह की भी सचिव रह चुकी हैं।
वह पिछले साल ही प्रमुख सचिव के पद पर पदोन्नत हुई थीं। मुख्यमंत्री कार्यालय का प्रमुख सचिव, मुख्य सचिव तक को निर्देशित करता है।
इस लिहाज से वहां वरिष्ठतम अधिकारियों में से चुन कर तैनाती की जाती है। मुख्यमंत्री ने 1979 बैच के राकेश बहादुर को पंचम तल पर तैनाती देकर इस परंपरा को बनाए रखा है।
राकेश बहादुर मुलायम के शुरुआती सीएम कार्यकाल में नोएडा के सीईओ रह चुके हैं।
उस दौरान जमीन आवंटन में धांधली सामने आई और मायावती की सरकार बनने पर बहादुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। जब अखिलेश सरकार आई तो राकेश बहादुर को सीईओ नोएडा के पद पर फिर तैनाती दी गई।
तब हाईकोर्ट ने इस पर सख्त आपत्ति जताते हुए पश्चिमी यूपी में उनकी तैनाती पर रोक लगा दी थी।
सरकार को उन्हें हटाना पड़ा। अब राकेश बहादुर प्रमुख सचिव गृह के रास्ते पंचम तल पर सबसे ताकतवर भूमिका में पहुंचने में सफल हो गए हैं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री अखिलेश ने अपने पिता मुलायम सिंह के मुख्यमंत्रितत्व काल में प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री रहे करनैल सिंह को सलाहकार के रूप में स्थान देकर बड़ा संदेश दिया है।