लखनऊ। गोमतीनगर क्षेत्र में विशेष खंड और विनम्रखंड में दो नए बिजलीघर अगले दस दिनों के भीतर बनने लगेंगे। इसके तहत कंट्रोल रूम समेत अन्य सिविल कार्य शुरू करने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। दोनों बिजलीघरों के चालू होने से करीब 12 हजार उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार होगा।
गोमतीनगर जोन के मुख्य अभियंता सुशील गर्ग के अनुसार, दोनों बिजलीघरों पर लगभग 16-16 करोड़ रुपये यानी कुल 32 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने बताया कि लक्ष्य है कि बिजलीघर अप्रैल तक चालू कर दिए जाएं। वहीं, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता (सिविल) गगन बिहारी श्रीवास्तव ने बताया कि सिविल निर्माण पर करीब 2.86 करोड़ रुपये की लागत आएगी। दोनों बिजलीघरों के सिविल कार्य के लिए संयुक्त रूप से टेंडर जारी किया गया था।
निर्माण स्थल का सर्वे पूरा
मुख्य अभियंता ने बताया कि विशेष खंड और विनम्रखंड में जिन स्थानों पर बिजलीघरों का निर्माण होना है, वहां टीम ने मंगलवार और बुधवार को सर्वे पूरा कर लिया है। सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य से जुड़े इंजीनियरों ने मौके का निरीक्षण कर लिया है।
तीन बिजलीघरों की ओवरलोडिंग होगी खत्म
गोमतीनगर एलटी और 11 केवी के अधिशासी अभियंता धीरज कुमार ने बताया कि नए बिजलीघरों के चालू होने से विभूतिखंड, मंत्री आवास और विराजखंड स्थित बिजलीघरों पर लोड कम होगा। इससे गर्मियों में उपभोक्ताओं को बिजली संकट से राहत मिलेगी।
Iसिविल कार्य की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। ठेकेदार निर्माण की तैयारी कर रहा है। दोनों बिजलीघरों को जून तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।I
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- हरीश बंसल, निदेशक (तकनीकी), मध्यांचल विद्युत वितरण निगम, लखनऊI