लखनऊ। सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने अंसल कंपनी के मालिकों व अन्य कर्मियों के खिलाफ रविवार को धोखाधड़ी की दो और एफआईआर दर्ज की हैं। आरोपियों पर गोमतीनगर के विकल्प खंड दो निवासी जितेंद्र कुमार से आठ लाख और सुशांत गोल्फ सिटी में सेलिब्रिटी मीडोज अपार्टमेंट निवासी हाईकोर्ट के अधिवक्ता से 10.44 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है।
विकल्प खंड दो निवासी जितेंद्र के मुताबिक, उन्होंने 27 नवंबर 2011 में हजरतगंज स्थित मिडलिंक रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड फर्म के जरिये अंसल कंपनी में सुशांत गोल्फ सिटी में एक प्लॉट बुक कराया था। सौदा आठ लाख में हुआ था, जिसका भुगतान भी कर दिया था। 17 जुलाई 2019 को को पता चला कि जो प्लॉट उन्होंने बुक कराया था वह वास्तव में था ही नहीं। उन्होंने अंसल कंपनी में संपर्क किया तो अधिकारियों ने उन्हें दूसरा प्लॉट बुक कर दिया, लेकिन उस पर भी उन्हें कब्जा नहीं दिया। गत 25 फरवरी को पता चला कि अंसल कंपनी को दिवालिया घोषित कर दिया गया है।
उधर, हाईकोर्ट के अधिवक्ता विशाल टहलानी ने बताया कि उन्होंने 20 मार्च 2011 में अंसल कंपनी में 20.80 लाख का प्लॉट बुक कराया था। कंपनी के अधिकारियों ने उन्हें तीन वर्ष में प्लॉट पर कब्जा देने का आश्वासन दिया था। बुकिंग के छह माह बाद विशाल ने एडवांस में 10,44 लाख रुपये कंपनी को दे दिए, लेकिन छह साल बीतने पर भी उन्हें कब्जा नहीं मिला। 2020 में पता चला कि कंपनी के चेयरमैन सुशील अंसल व डायरेक्टर प्रणव अंसल ने कई लोगों से प्लॉट के नाम पर ठगी की है। विशाल ने जब कंपनी से रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने उन्हें धमकी दी। इंस्पेक्टर अंजनी कुमार मिश्र के मुताबिक पीड़ितों की तहरीर पर प्रणव अंसल, सुशील अंसल, राव, सुशील सिंह, अरुण मिश्रा व अन्य कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।