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झोले में डालकर कोई ट्रेन में रख गया दो महीने की बच्ची

Sat, 23 Apr 2016 10:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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ट्रेन में म‌िली बच्ची - फोटो : amar ujala
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राजधानी में नवजात बच्चियों को लावारिस छोड़े जाने का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा है। बृहस्पतिवार देर रात वाराणसी-लखनऊ पैसेंजर ट्रेन में कोई व्यक्ति दो महीने की बच्ची को एक झोले में लावारिस छोड़ गया। 
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इसे चारबाग रेलवे स्टेशन पर गार्ड ने रेलवे चाइल्ड लाइन को सौंपा। शुक्रवार को नवजात को बाल कल्याण समिति के निर्देश पर प्राग नारायण रोड स्थित राजकीय बाल गृह शिशु में रखवाया गया है।

पैसेंजर ट्रेन (14203) में यह नवजात रेल यात्रियों को मिली थी। उन्होंने बताया कि गार्ड के डिब्बे से पहले वाले डिब्बे में एक झोले में से उन्हें किसी बच्चे की रोने की आवाज आई। लोगों ने झांक कर देखा तो उसमें मासूम नजर आई। 
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उन्होंने उसे गोद में उठाया और गार्ड को जानकारी दी। गार्ड ने लखनऊ में चाइल्ड लाइन को बच्ची सौंपी। नवजात के साथ पहचान के नाम पर कोई वस्तु नहीं मिली है। इसे प्राप्त करने वाली स्पेशल रेलवे चाइल्ड लाइन की टीम ने बताया कि नवजात का स्वास्थ्य ठीक है, लेकिन वह कमजोर लग रही है। 

यहां लावारिस बच्चों पर काम कर रही सामाजिक कार्यकर्ता शचि सिंह ने बताया कि बच्ची को बाल गृह में रखा गया है। उसके अभिभावकों की कोई सूचना नहीं है। वहीं, समिति ने बताया कि इस बात की संभावना कम है कि वह गलती से गाड़ी में छूटी हो, क्योंकि बच्चों के गुम होने या छूट जाने की सूचना रेलवे में अभिभावक सबसे पहले दर्ज करवाते हैं।
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इन जगहों की हो सकती है बच्ची

- फोटो : pti
यह ट्रेन वाराणसी से निकलकर भदोही, सुरियावां, जंघई जंक्शन, बादशाहपुर, प्रतापगढ़ जंक्शन, अमेठी, गौरीगंज, कासिमपुर, रायबरेली जंक्शन, हरचंदपुर, बछरावां होते हुए लखनऊ पहुंचती है। पैसेंजर ट्रेन है।

इसलिए इन सभी जगह रुकती है, संभावना जताई जा रही है कि मासूम इन्हीं में से किसी जगह या आसपास के गांव की हो सकती है। बच्ची सिर्फ दो महीने है। इसलिए यह भी आशंका जताई जा रही है कि इसे किसी ने रंजिश की वजह से परिवार से छिपाकर लावारिस छोड़ दिया हो। 
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