छह वर्षीय मासूम की कुकर्म के बाद हत्या करने वाले संतोष नट व तेजपाल नट को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर 1.35 लाख रुपये जुर्माना भी ठोका गया। जुर्माने की धनराशि से आधी रकम मृतक के परिवारीजनों को बतौर प्रतिकर देने को भी कहा गया है।
यह आदेश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट के जज असद अहमद हाशमी की अदालत से शनिवार को हुआ। निर्णय की प्रतियां जेल अधीक्षक मंडल कारागार व जिलाधिकारी को भेजी जाएंगी।
एडीजीसी वीरेंद्र मौर्य व पॉक्सो एक्ट के विशेष लोक अभियोजक विनोद उपाध्याय ने बताया कि घटना 11 सितंबर 2014 की है। बीकापुर थाना क्षेत्र के एक गांव में मासूम बच्चे को टॉफी खिलाने के बहाने उससे कुकर्म किया गया।
इसके बाद दरिंदों ने उसकी हत्या कर दी। घटना के दूसरे दिन मासूम की लाश संतोष नट के घर के पीछे गड़ही में मिलने पर पुलिस ने संतोष नट व तेजपाल नट के खिलाफ आरोप पत्र भेजा था।
जबकि मासूम की दादी के बयान के आधार पर घटना के समय वहां देखे गए इंद्र बहादुर व संतोष कुमार को विवेचना में क्लीन चिट दे दी गई। अदालत ने गवाह व साक्ष्यों के आधार पर मामले में संतोष नट व तेजपाल नट को दोषी पाया और फांसी की सजा सुनाई।