ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर सलमान नदवी को शनिवार को प्रशासन ने अयोध्या जाने से रोका दिया। उन्हें रौनाही टोल प्लाजा से लौटा दिया गया। सलमान नदवी तय कार्यक्रम के अनुसार मुस्लिम पक्षकारों और निर्मोही अखाड़े समेत कई संत-महंतों से मिलने वाले थे। साथ ही प्रशासन से मिलकर मस्जिद के लिए तलाशी जा रही संभावित भूमि पर भी विचार विमर्श करने वाले थे लेकिन रौनाही टोल प्लाजा के पास पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोक लिया।
टोल प्लाजा के ऑफिस में ही सलमान नदवी और उनके साथ आए हुए लोगों ने प्रशासन के साथ एक बैठक भी की। इसमें यह तय हुआ कि सबसे जरूरी काम अयोध्या में शांति और सौहार्द बनाए रखना है। अगर नदवी जी अयोध्या जाते हैं तो आने वाले दिनों में कई ऐसे लोग या संगठन अपनी राजनीतिक और धार्मिक गतिविधियां चलाने अयोध्या आ सकते हैं। इन सब बातों पर विचार विमर्श के बाद सलमान नदवी ने यह तय किया कि वह आने वाले कुछ समय बाद वापस अयोध्या आएंगे और लोगों में शांति और सौहार्द के लिए काम करेंगे।
इससे पूर्व रौनाही सीमा पर बबलू खान ने मुस्लिम भाइयों के साथ मिलकर उनका स्वागत किया। सलमान नदवी ने कहा उनका अयोध्या आने का मकसद था, सद्भावना, भाईचारा और सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला है उसका एहतराम। उस फैसले को किस तरह से आगे बढ़ाया जाएगा इसकी फिक्र। इसमें वहां के साधुओं से मिलना था मुसलमानों से भी मिलना था। जो फैसला हुआ है वह अच्छा फैसला हुआ है। अब इस फैसले के मुताबिक अमल होना चाहिए। टोल प्लाजा के पास रास्ते में ही अयोध्या मामले के मुस्लिम पक्षकार हाजी महबूब ने भी सलमान नदवी से मुलाकात की।