11वीं में फीस वसूलने के बावजूद बोर्ड परीक्षा के लिए छात्रा को पंजीकरण न कराने पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने कानपुर रोड स्थित सेंट एंस डे स्कूल पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। रजिस्ट्रेशन न होने से छात्रा यूपी बोर्ड की इंटर की परीक्षा नहीं दे पाई। एक हफ्ते में छात्रा के अभिभावक के खाते में जुर्माने की रकम न जमा कराने पर विद्यालय के खिलाफ मान्यता खत्म करने के नियमों के तहत कार्रवाई होगी।
2018 में छात्रा ने इस स्कूल से 10वीं पास कर 11वीं में दाखिला लिया। इस फरवरी में जब बोर्ड परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी किया गया तब छात्रा को यह नहीं मिला। उसे पता चला कि स्कूल प्रबंधन ने 2018 में उसका पंजीकरण ही नहीं कराया। इस पर विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ सरोजनीनगर थाने में मामला दर्ज कराया गया।
डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि 19 फरवरी को प्रधानाचार्य नीलम स्विंग, प्रबंधक अखिलेश वर्मा कार्यालय में उपस्थित हुए, लेकिन कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया। सिर्फ 1070 रुपये की फीस रसीद दिखाई, जिसे उन्होंने एनआईओएस का बताया। जांच में पता चला कि विद्यालय ने छात्रा से पूरी फीस वसूल ली और एसएस कोचिंग की रसीद दी। साफ है कि विद्यालय ने पूरी फीस लेकर छात्रा का पंजीकरण नहीं कराया।