बेसिक शिक्षा विभाग में अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए पांच वर्ष की सेवा अनिवार्य कर दिए जाने से विभाग के 2 लाख 90 हजार शिक्षक तबादले की दौड़ से बाहर हो गए हैं।
प्रदेश में 2012 से मार्च 2017 के बीच नौ चरणों में 2 लाख 90 हजार शिक्षकों को नियुक्ति दी गई है। वहीं, बीते डेढ़ दशक से अधिक समय से सेवा दे रहे 1 लाख 37 हजार शिक्षामित्र भी स्थानांतरण के आवेदन के दायरे से बाहर रहेंगे।
बेसिक शिक्षा विभाग की अंतरजनपदीय स्थानांतरण नीति में 31 मार्च 2017 तक अपनी तैनाती या कार्यरत जिले में पांच वर्ष की सेवा पूरी करने वाले शिक्षकों को ही स्थानांतरण आवेदन के लिए पात्र घोषित किया गया है।
विभाग के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में करीब 4 लाख 94 हजार शिक्षक कार्यरत हैं। अगस्त 2013 से शुरू हुई शिक्षकों की भर्ती में सबसे पहले 10,000 शिक्षकों की भर्ती की गई।
उसके बाद 29,000 शिक्षक, फिर 4200, 15,000, 16,000, 3500 और 16,000 शिक्षकों की भर्ती की गई। जुलाई 2015 में दो चरणों में 1 लाख 37 हजार शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर नियमित नियुक्ति दी गई।