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वित्तीय गड़बड़ी में रोडवेज के दो जीएम निलंबित, मंत्री के आदेश पर हुई कार्रवाई

Wed, 29 May 2019 11:22 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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डेमो - फोटो : डेमो
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 प्रयाग कुंभ के लिए चलाई गईं शटल बसों की बॉडी की खराब गुणवत्ता एवं वित्तीय अनियमितता के आरोप मेें परिवहन निगम की तकनीकी इकाई के कानपुर कार्यशाला में तैनातदो प्रधान प्रबंधक (जीएम) को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया है।

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परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से कानपुर के ठेकेदारों ने इसकी शिकायत की थी। मंत्री के आदेश पर हुई जांच में आरोपों की पुष्टि के बाद प्रबंध निदेशक धीरज साहू ने यह कार्रवाई की है। दोनों निलंबित जीएम रवींद्र सिंह एवं मनोज रंजन को मुख्यालय से संबद्ध किया गया है।

रोडवेज के एक वरिष्ठ अफसर ने बताया कि इस मामले की जांच मुख्य प्रधान प्रबंधक विजय नरायन पांडेय एवं प्रधान प्रबंधक ए रहमान की दो सदस्यीय समिति ने की थी। आरोप है कि कानपुर कार्यशाला पहुंची जांच समिति को दोनों अफसरों ने सहयोग नहीं किया। यही नहीं खरीद-फरोख्त की फाइल तक नहीं मुहैया कराई।
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समिति ने मजबूरन प्रबंध निदेशक को इन तथ्यों के साथ अधूरी रिपोर्ट सौंपी। इस पर प्रबंध निदेशक ने मुख्य प्रधान प्रबंधक विजय नरायन पांडेय को दोबारा कानपुर भेज कर चुनिंदा आरोपों पर रिपोर्ट मांगी।
विजय दोबारा जांच करने कानपुर गए तब भी आरोपी अफसरों ने कोई फाइल नहीं दी। इसके बाद उन्होंने अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसके आधार पर आरोपी दोनों जीएम के निलंबन आदेश जारी कर दिए गए।

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मनमाने तरीके से खर्च की रकम

डेमो
दोनों जीएम पर आरोप है कि मुख्यालय से भगवा बस जो प्रयाग कुंभ में शटल सेवा के रूप में चलनी थी, उसको बनवाने में जमकर मनमानी की। बस बॉडी का निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं कराया। यहीं नही शटल बस सामग्री आपूर्ति करने वाले ठेकेदारों को देने के लिए तत्कालीन प्रबंध निदेशक पी. गुरुप्रसाद ने जो रकम दी, उससे दोनों जीएम ने मनमाने तरीके से ऐसे दूसरे सामान की खरीद फरोख्त कर ली, जिसकी कोई जरूरत नहीं थी। रेट भी कई गुने अधिक थे।

जांच में आरएम दोषी, पर नहीं हो रही कार्रवाई
इस मामले में दोनों जीएम तो निलंबित कर दिए गए, लेकिन एक क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) जो 70 हजार लीटर डीजल की हेराफेरी का आरोपी है उस पर कार्रवाई नहीं हो रही। हेराफेरी की जांच में आरएम दोषी भी पाए गए हैं, लेकिन जांच रिपोर्ट को दबा दी गई है। यही नहीं जिस आरएम को चार महीने पहले निलंबित होना चाहिए था वह कमाई वाले परिक्षेत्र की कमान संभाले है। सूत्र बताते हैं कि एक बडा अफसर आरोपी आरएम को बचा रहा है।
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