साहब मेरी बेटी जलकर नहीं मरी है, बल्कि जलाकर उसकी हत्या की गई है। घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई थी। मामले में यदि पारदर्शी ढंग से जांच सुनिश्चित की जाए तो सब कुछ साफ हो जाएगा।
पुलिस मामले को जानबूझकर दबाना चाहती है। ये गुहार जहांगीरगंज थाना क्षेत्र के हाजीपुर गांव में बीते दिनों जलकर मरी नवविवाहिता आराधना गौड़ की मां इंद्रावती ने एसपी को पत्र भेजकर की है।
इंद्रावती का कहना है कि उसकी पुत्री आराधना की मौत जलकर नहीं हुई, बल्कि जलाकर मारने से हुई है। स्थानीय पुलिस मामले में कार्रवाई करने के बजाय टालमटोल कर रही है।
कहा कि यदि आराधना ने आत्महत्या की थी तो इसकी सूचना ससुराली जनों द्वारा मायके में क्यों नहीं दी गई। ग्रामीणों की सूचना के बाद जब वह लोग गांव पहुंचे तो ससुराल के सभी लोग भाग गए थे।
कहा कि उसकी पुत्री ने दहेज प्रताड़ना की शिकायत भी की थी। इसके बाद भी दहेज लोभियों ने आराधना को मौत के घाट उतार दिया। ऐसे में पुलिस को न्याय सुनिश्चित करना होगा। एसपी ने मामले में समुचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया है।