ईयरफोन लगाकर गाना सुनते पटरी किनारे चल रहे दो दोस्त आए ट्रेन के चपेट में
निगोहां थानाक्षेत्र में ईयरफोन पर गाना सुनते हुए पटरियों के किनारे-किनारे चल रहे दो दोस्त शनिवार शाम आगरा-कोलकाता एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गए।
हादसे में दोनों के चीथड़े उड़ गए। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। भीषण हादसा होते देख आसपास चीख-पुकार मच गई। शवों की हालत इतनी खराब थी कि काफी देर तक पहचान नहीं हो सकी।
बाद में कपड़ों के आधार पर दोनों की पहचान की गई तो परिवारीजनों में रोना-पीटना मच गया। दोनों दोस्त गांव में किसी व्यक्ति के अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद नहाने के लिए जा रहे थे।
बैरीसालपुर गांव निवासी रेलकर्मी रामपाल का बेटा अवनीश (22) और गांव के रहने वाला मजदूर सोहनलाल का बेटा वीरेंद्र (20) शनिवार को गांव में हुए एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे।
शाम को वीरेंद्र अपने दोस्त अवनीश को लेकर नहाने के लिए ट्यूबवेल पर जा रहा था। दोनों दोस्त मोबाइल फोन पर ईयरफोन लगाकर गाने सुनते हुए रेलवे पटरी के किनारे-किनारे जा रहे थे।
दोनों शेरपुरलवल स्थित गेट नंबर 183 ब के पास पहुंचे तभी आगरा कोलकत्ता एक्सप्रेस (1316 डाउन) आ गई। दोनों ट्रेन की चपेट में आ गए।
ट्रेन की टक्कर लगते ही दोनों के चीथड़े उड़ गए। हादसे के बाद मौके पर रेलवे लाइन के बीच में काफी देर तक दोनों के शव पडे़ रहे, लेकिन शिनाख्त नहीं हो सकी।
बाद में पहने कपड़ों के आधार पर दोनों की शिनाख्त हो सकी। सूचना के बाद मृतकों के परिवारीजन सहित काफी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे। सूचना फैलते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया।
सूचना पर पहुंची निगोहां पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों रेलवे लाइन के बीच में कानों में लीड लगाकर गाना सुनते जा रहे थे।
कुछ ग्रामीणों ने काफी शोरगुल भी मचाया, लेकिन तब तक दोनों ट्रेन की चपेट में आ गए। वीरेंद्र की मौत की खबर पाते ही मां नीलम व छोटी बहन जूली व राजकुमारी रोने लगीं।
नीलम बेसुध हो गई। मौजूद ग्रामीणों ने संभाला। साथ ही मृतक अवनीश की मां राजरानी का भी रो-रोकर बुरा हाल था।