पुलिस के हत्थे चढ़े दो जालसाज
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दोनों ठग अधिकारी को कॉल कर बोलते थे कि ‘मैं मुख्यमंत्री का ओएसडी बोल रहा हूं। एक आदमी भेज रहा हूं, जिसका काम करवा दीजिए। कोई दिक्कत हो तो बता दें, ताकि आपकी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचा दी जाए’। इसी नंबर पर संचालित व्हॉट्सएप से मेसेज भी भेजते थे। इन व्हॉट्सएप की डीपी पर प्रदेश सरकार का राजकीय चिह्न लगा रखा था। एसएसपी के मुताबिक , जालसाज नौकरी, ठेका, आवास दिलाने का दावा करते थे। यहां तक कि ट्रांसफर, पोस्टिंग और ट्रांसफर रुकवाने के नाम पर भी वसूली करते थे। जालसाजों ने फर्जी आदेश पत्र भी बनवा रखे थे।