पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री सोमपाल शास्त्री के लोकसभा चुनाव लड़ने से इनकार करने के बाद बागपत जिले के दो पूर्व विधायकों ने शुक्रवार को सपा को झटका दिया।
छपरौली के पूर्व विधायक डॉ. महक सिंह और डॉ. अजय कुमार ने मुजफ्फरनगर में भड़के दंगे में शासन-प्रशासन की एकपक्षीय कार्रवाई से खिन्न होकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
डॉ. अजय कुमार और उनके पिता डॉ. महक सिंह दोनों ही छपरौली क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं।
डॉ. अजय ने पिछला विधानसभा चुनाव सपा के टिकट पर बागपत की बड़ौत विधानसभा सीट से लड़ा था। वह चुनाव नहीं जीत पाए थे। दोनों नेताओं ने मुजफ्फरनगर-शामली की हिंसा के लिए सपा को जिम्मेदार ठहराते हुए पार्टी को अलविदा कह दिया।
डॉ. अजय ने कहा, यदि 27 अगस्त को कवाल में तीन हत्याओं के बाद प्रशासन निष्पक्ष भूमिका निभाता तो मामला उसी दिन समाप्त हो जाता। गौरव और सचिन के सात हत्यारोपियों को मौके से पकड़ने के बावजूद थाने से छोड़ दिया गया।
मृतकों के परिवारीजनों पर झूठी एफआईआर दर्ज करा दी गई। सात सितंबर की पंचायत के बाद भी प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए। कहा कि इन्हीं बातों से मुझे पार्टी छोड़ने का फैसला लेने को मजबूर होना पड़ा।
अगले कदम के सवाल पर उन्होंने कहा कि शांति बहाल होने के बाद क्षेत्र की जनता की भावनाओं के अनुरूप फैसला करेंगे।