रज्जाकपुर गांव में शनिवार दोपहर टूटी बिजली लाइन (एरियल बंच कंडक्टर) की चिंगारी से लगी आग में जलकर चार साल के मासूम निशांत और उसके चाचा 20 वर्षीय जितेंद्र की मौत हो गई। जितेंद्र लाडले भतीजे को बचाने के लिए धू-धू करके जलते छप्पर में कूद पड़ा था। वह मासूम निशांत को गोद में उठाकर बाहर की तरफ भागा, लेकिन दीवार से टकराकर गिर पड़ा।
इसके बाद लपटों ने चाचा-भतीजे को लील लिया। हादसे से गांव में हाहाकार मच गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें शांत कराया।
प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह ने बताया कि रज्जाकपुर राधिकापुर गांव निवासी मजदूर बीपेंद्र रावत उर्फ पम्मी के घर पर बने छप्पर के ऊपर से एबीसी लाइन गुजरी है। शनिवार सुबह वह काम से निकला था। दोपहर करीब 12 बजे बेटा निशांत व बेटी पल्लवी छप्पर के नीचे लेटे हुए थे जबकि पत्नी नीलम घर के बाहर कुछ काम कर रही थी।