चटपटी बातें कर लोगों को फंसाने वाले ‘बंटी-बबली’ सुमित मेहरा और दीपा मेहरा को बृहस्पतिवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। ठाकुरगंज के रामनगर निवासी दंपती अश्लील कॉल करते फिर बातचीत को रिकॉर्ड कर वसूली शुरू कर देते।
दोनों ने पुलिस और पत्रकार बनकर कई लोगों को ठगा था। ठगी के शिकार एक पाइप कारोबारी ने एफआईआर पर पुलिस ने दोनों को दबोचा। दोनों ने कारोबारी से 3.50 लाख रुपये वसूले।
एएसपी क्राइम डॉ. संजय ने बताया कि दीपा ने कैसरबाग इलाके के एक कारोबारी को फोन कर अपनी बातों में फंसाया और अश्लील बातें रिकॉर्ड कर लीं। इसके बाद उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। महिला एसओ ने कारोबारी को कॉल करके एक लड़की से अश्लील बातें करने की शिकायत मिलने की बात कही और धमकाया।
कारोबारी दो लाख रुपये देकर मामला रफा-दफा किया। कुछ दिन बाद सुमित ने खुद को चौक कोतवाली का इंस्पेक्टर बताते हुए उसी कारोबारी को फोन किया और वही शिकायत मिलने की कहानी दोहराई। कारोबारी ने फिर कुछ रुपये देकर मामला सुलटाया।
इसके बाद दोनों एक टीवी चैनल का पत्रकार बनकर कारोबारी से मिले और उसकी अश्लील बातों की सीडी होने की बात कहते हुए रिकॉर्डिंग को टेलीकास्ट करने की धमकी दी।
कॉल सेंटर में सीखी चटपटी बातें
कॉल सेंटर से सीखा फंसाने का हुनर
- फोटो : Amar Ujala
यह कॉल सेंटर लोगों को बल्क एसएमएस करके महिलाओं से बात के नाम पर अश्लील चैट कराता था। एक अखबार में विज्ञापन देखकर वह कॉल सेंटर गई थी। वहां उसे 3500 रुपये महीने की नौकरी पर रखा गया। कुछ दिन नौकरी करने के बाद दीपा हथकंडा समझ गई। दो महीना पहले उसने नौकरी छोड़कर खुद धंधा शुरू कर दिया।
एएसपी क्राइम ने बताया कि आठवीं पास सुमित मूलरूप से कोलकाता का है। कई साल से यहां ठाकुरगंज के रामनगर में किराये का मकान लेकर रह रहा है। वह बसंत विहार के एक होटल में काम करता था।
लखनऊ विश्वविद्यालय से बीए पास दीपा मध्य प्रदेश के भिंड की है। वह यहां गुडंबा के पूर्वांचलनगर में रहती थी। दोनों ने लव मैरिज की और अब साथ ही रह रहे हैं।
इलाहाबाद के नगर निगम अधिकारी को भी बनाया शिकार सुमित और दीपा ने बताया कि इलाहाबाद के नगर निगम अधिकारी और लखनऊ के दो व्यापारियों सहित कानपुर, वाराणसी, आगरा के 25 से अधिक लोगों को जाल में फंसाया।
हालांकि, रुपये सिर्फ तीन ही लोगों से ऐंठ सके। दोनों ने बताया कि उन्होंने 20 हजार रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक की ठगी की है।