लखनऊ। कोविड संक्रमण की दूसरी लहर में लोगों की जान आफत में आ गई है। लोगों को सबसे अधिक दवा और ऑक्सीजन की जरूरत है। इस दौर में ऑक्सीजन सिलेंडरों की कालाबाजारी भी जोरों पर है। ऐसे कई गिरोह दबोचे भी गए। एसटीएफ ने ऐसे ही गिरोहों के खिलाफ विशेष अभियान छेड़ रखा है। इसी अभियान के तहत जानकीपुरम के सुल्तानपुर गांव में मंगलवार देर रात को छापा मारा। इस दौरान वहां से 80 सिलेंडर बरामद हुए। पुलिस ने दो लोगों को दबोच लिया। उनके पास दस्तावेजों की पड़ताल की गई तो 40 सिलेंडर के कागजात मिले। वहीं 40 कालाबाजारी के लिए डंप कर रखे गए थे। पुलिस दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है।
एसटीएफ के अधिकारियों को जानकीपुरम इलाके में ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी करने की सूचना मिली। जिस पर टीम ने मंगलवार रात को सुल्तानपुर गांव में छापा मारा। वहां एक मकान में 80 सिलेंडर डंप किए मिले। पुलिस टीम को वहां से दो लोग मिले जिनको हिरासत में ले लिया। उनसे पूछताछ की गई। पता चला कि उनके पास ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति का लाइसेंस है। उनके दस्तावेजों की पड़ताल की गई तो सिर्फ 40 सिलेंडर तक रखने की अनुमति थी। पुलिस ने 40 सिलेंडर छोड़ दिए। बचे हुए 40 सिलेंडर जब्त कर लिए। वहीं सख्ती कर पूछताछ की गई तो पकड़े गए आरोपियों विनय यादव व रवि यादव ने बताया कि वह सिलेंडरों की कालाबाजारी करते हैं। दोनों बाराबंकी के रहने वाले हैं। पुलिस टीम ने सभी सिलेंडर को जब्त कर लिया। उनके खिलाफ एसटीएफ ने जानकीपुरम थाने में तहरीर दी। जिस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
हॉस्पिटल का फर्जी मांग पत्र भी बरामद
छापा मारने के दौरान एसटीएफ को आरोपियों के पास से 800 रुपये नकद और मेडिसिन हॉस्पिटल के कूटरचित ऑक्सीजन मांग पत्र के साथ ही एक वाहन भी मिला है। वहीं प्रभारी निरीक्षक जानकीपुरम बृजेश कुमार सिंह के मुताबिक, आरोपी सुल्तानपुर गांव में यदुवंशी रिफिलिंग स्टेशन के नाम से दुकान चलाते थे। दुकान से सिलेंडर रिफिल कर अस्पताल में सप्लाई करते थे। दोनों कोरोना मरीज के तीमारदारों से इसके बदले में अधिक दाम वसूलते थे।