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जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर के घर हुई 25 लाख की चोरी का खुलासा, दो गिरफ्तार, वारदात के बाद डिप्टी कमिश्नर ने खुद को गोली मारकर कर ली थी खुदकुशी

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लखनऊ। गोमती नगर विस्तार के सरयू अपार्टमेंट में रहने वाले जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर स्व. संजय शुक्ला के फ्लैट में हुई चोरी का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। प्रतापगढ़ के अख्तियारी गांव के गिरोह ने वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दो अन्य की तलाश की जा रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों के पास से करीब 7.50 लाख रुपये की नकदी व करीब 10 लाख का सामान बरामद किया गया है।
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एसीपी गोमतीनगर श्वेता श्रीवास्तव के मुताबिक, विस्तार इलाके के सरयू अपार्टमेंट में रहने वाले स्व. संजय शुक्ला जीएसटी में डिप्टी कमिश्नर थे। उनकी तैनात वाराणसी में थी। 5 व 6 मई की रात में उनके फ्लैट का ताला तोड़कर चोरों ने करीब 25 लाख रुपये के जेवरात व नकदी साफ कर दी थी। लखनऊ पहुंचे डिप्टी कमिश्नर ने पुलिस से संपर्क किया। मौके से मिले सीसीटीवी कैमरों के फुटेज में चोरों की पूरी तस्वीर आ गई थी। अपने घर में हुई चोरी के खुलासे के लिए खुद संजय शुक्ला पुलिस के साथ तफ्तीश में जुटे थे। वह खुद सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और चोरों के आने-जाने के रास्ते के बारे में जानकारी दे रहे थे। इसका नक्शा भी पुलिस को बनाकर दिया था।
17 मई की रात करीब 12 बजे अचानक संजय शुक्ला ने खुद को लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मार ली थी जिसमें उनकी मौत हो गई थी। एसीपी के अनुसार, चोरी के करीब 25 दिन बाद इस वारदात का खुलासा हुआ है। इस वारदात को प्रतापगढ़ के हथिगवां थानाक्षेत्र के छोटी अख्तियारी गांव निवासी राकेश सरोज ने अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने राकेश के साथ उसके एक साथी संतोष कुमार केसरवानी को भी गिरफ्तार किया है। संतोष प्रतापगढ़ के कुंडा कस्बे का रहने वाला है।
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बाइक, जीप, ऑटो व ट्रैक्टर बरामद
प्रभारी निरीक्षक पवन कुमार पटेल के मुताबिक, पकड़े गए दोनों शातिरों के पास से पुलिस ने एक बाइक, एक ऑटो, एक लग्जरी जीप कम्पास और एक ट्रैक्टर बरामद किया है। इसके अलावा 7.5 लाख रुपये नकदी भी मिली है। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, आरोपियों ने घर से चोरी किये गए जेवरात को दूसरे दिन ही बेच दिया था जिससे मिली हुई रकम से अपाचे बाइक और एक ऑटो खरीदा था। वहीं कुछ दिन पहले राकेश ने एक ट्रैक्टर भी लोन कराया था जिसका करीब पांच लाख रुपये बकाया था। उसे भी चोरी की रकम से बैंक में जमा करा दिया।
26 लाख की लग्जरी कार से आए थे चोरी करने
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए चोरों के पास से एक लग्जरी कार जीप कम्पास बरामद हुई है। यह लग्जरी कार टॉप मॉडल है जिसकी बाजार में कीमत करीब 26 लाख रुपये है। पुलिस के मुताबिक, इसी कार से चारों वारदात को अंजाम देने आए थे। कार राकेश सरोज के नाम से पंजीकृत है। पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज में भी इस लग्जरी कार के होने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में मिली तस्वीरों से आरोपियों के चेहरे का मिलान भी कराया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि संजय शुक्ला के फ्लैट से 2.50 लाख रुपये नकदी और लाखों रुपये के जेवरात उड़ाए थे।
दिल्ली में सक्रिय था गिरोह, लॉकडाउन में लौटा
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्त में आया गिरोह दिल्ली, हरियाणा, गुड़गांव, गाजियाबाद व नोएडा में सक्रिय था। राकेश सरोज का दिल्ली के नरौला स्थित विकासनगर में आलीशान मकान भी है। अप्रैल में दिल्ली में कोविड ने पांव फैलाए तो सभी प्रतापगढ़ वापस आ गए। इसके बाद अपनी लग्जरी कार से लखनऊ पहुंचे। वहां सरयू अपार्टमेंट में वारदात को अंजाम दे दिया जिसमें उनके हाथ काफी नकदी व जेवर लग गया। पुलिस के मुताबिक, राकेश के खिलाफ नोएडा में 21 और दिल्ली में चार मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा गाजियाबाद, गुड़गांव, हरियाणा की पुलिस से संपर्क किया जा रहा है ताकि उसके आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी हो सके।
फुलवारी था कोडवर्ड, दरवाजे पर अखबार फैले देख तोड़ा ताला
एसीपी श्वेता श्रीवास्तव के मुुताबिक राकेश कुछ दिन पहले विस्तार इलाके में आया था। उस दौरान उसकी पत्नी भी साथ थी। वह अपनी पत्नी को सरयू अपार्टमेंट दिखाते हुए बोला यह फुलवारी है। पूछताछ में राकेश ने बताया कि उनके गिरोह के सदस्यों को फुलवारी बताने का मतलब होता है कि यहां पर कीमती सामान मिलेंगे। इसके बाद उसके बारे मे जानकारी हासिल कर वारदात को अंजाम दिया। राकेश की पत्नी पंचायत चुनाव भी लड़ी थी।
एसीपी के मुताबिक, राकेश अपने साथियों के साथ शहीद पथ पर पहुंचा। वहां अपनी गाड़ी खड़ी कर दी। इसके बाद पैदल सरयू अपार्टमेंट के पिछले हिस्से में पहुंचा। चारदीवारी फांदकर अंदर गए। लिफ्ट से 13वीं मंजिल पर पहुंचा। फिर सीढ़ियों से वापस आठवीं मंजिल पर पहुंचे। वहां गैलरी में घूम रहे थे। इस दौरान संजय शुक्ला के फ्लैट के बाहर चार-पांच दिन का अखबार पड़ा मिला। राकेश को विश्वास हो गया कि घर में कई दिन से कोई नहीं है। ताला तोड़ा और वारदात को अंजाम दिया। इसके अलावा चार मकानों को निशाना बनाया था जिनके बाहर गमले में फूल सूख रहे थे लेकिन वहां अंदर लोगों की आहट मिली तो वापस लौट गए।
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