हैलो... मैं मुख्तार अंसारी बोल रहा हूं...चुनाव के चंदे में पचास पेटी भिजवा दो।
राजधानी के कई पूंजीपतियों को फोन पर कड़क आवाज में यह हुक्म सुनाया गया। कुछ लोग रकम की व्यवस्था में जुट गए तो कुछ अगली कॉल के इंतजार में थे।
एक आर्किटेक्ट ने हिम्मत जुटाकर गाजीपुर थाने में शिकायत कर दी। पुलिस ने इलेक्ट्रानिक सर्विलांस के जरिए तहकीकात की।
पता चला कि मुख्तार के नाम से धमकी देने वाला डॉन बबलू श्रीवास्तव का गुर्गा है। पुलिस ने उसे साथी समेत गिरफ्तार कर लिया है।
एसएसपी प्रवीण कुमार ने बताया कि एक प्रसिद्ध आर्किटेक्ट को 3 मार्च को फोन करके 50 लाख की रंगदारी मांगी गई थी।
फोन करने वाले ने खुद को विधायक मुख्तार अंसारी बताया था। इससे घबराए आर्किटेक्ट ने अपने कर्मचारी की तरफ से पुलिस को तहरीर दी।
धमकी देने में इस्तेमाल नंबर को सर्विलांस पर लेकर तहकीकात शुरू की गई। पता चला कि उसी नंबर से निरालानगर में रहने वाले प्रसिद्ध डॉक्टर,मेडिकल कोचिंग संचालक,इंजीनियर व एक बिल्डर से भी मुख्तार अंसारी के नाम से रंगदारी मांगी गई थी।
धमकी देने के दौरान मोबाइल का लोकेशन उत्तराखंड में था,जबकि मुख्तार अंसारी आगरा जेल में बंद हैं। पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर सोमवार रात नाका के हरिनगर दुगावां में दबिश देकर प्रॉपर्टी डीलर आशुतोष बाजपेई व उसके दोस्त धर्मेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
उनके कब्जे से धमकी में इस्तेमाल मोबाइल व मतदाता पहचान पत्र बरामद हुआ।
तहकीकात में खुलासा हुआ कि सीतापुर के कमलापुर थाने के गांव न्यू राजपुर निवासी आशुतोष बाजपेई बरेली सेंट्रल जेल में बंद माफिया डॉन बबलू श्रीवास्तव का गुर्गा है।
उसने वर्ष 1999 में गाजीपुर थाना क्षेत्र में बबलू श्रीवास्तव के साथ मिल कर एक व्यक्ति का अपहरण किया था।
आशुतोष ने कबूला कि प्रॉपर्टी डीलिंग में घाटा होने से आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई थी। कोई रास्ता नजर न आने पर उसने बड़े लोगों से रकम ऐंठने का इरादा बनाया।
बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के चुनाव मैदान में उतरने की खबर देखकर उसने इलाहाबाद के लालापुर थाने के गांव ओझापति मानपुर निवासी अपने दोस्त धर्मेंद्र सिंह की मदद से योजना बना डाली। कई धनवान लोगों के फोन नंबर जुटाए।
इसके बाद फर्जी आईडी से सिमकार्ड व नया मोबाइल लेकर धमकाना शुरू किया।
कड़क आवाज में मुख्तार अंसारी के नाम से फोन करता था और चुनाव का जिक्र करते हुए हर एक से 50 लाख की मांग की। मुख्तार के नाम से धमकी से डरे चार लोगों ने रकम की व्यवस्था कर डाली थी।
कुछ लोग रकम कम करने के लिए गिड़गिड़ा रहे थे। आशुतोष सभी से फोन पर संपर्क बनाए रखकर जानकारी ले रहा था।
उसने पूछताछ में कबूला कि जल्द ही दो करोड़ हाथ लगने वाले थे। अन्य लोगों से दस से 25 लाख तक की वसूली का इरादा था। उसने दस करोड़ रुपये वसूलने की योजना बनाई थी।
आशुतोष व धर्मेंद्र ने पूछताछ में कबूला कि धमकी से डरे लोगों को आगरा जेल के गेट पर बुलाकर उनसे रकम लेने की तैयारी थी।
पचास लाख की व्यवस्था कर चुके व्यक्ति को फोन पर बताते कि रंगदारी देते समय पकड़े जाने से खतरे में पड़ सकते हैं।