ट्विटर इंडिया के हेड (न्यूज, सरकार व राजनीतिक साझेदारी) रहिल खुर्शीद गुरुवार को उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा शुरू की गई ‘ट्विटर सेवा’ की लॉन्चिंग के मौके पर लखनऊ में थे।
इस दौरान हुई बातचीत में उन्होंने दावा किया कि ‘ट्विटर सेवा’ से सूबे के करोड़ों युवाओं को पुलिस के सामने अपनी बात रखने का प्लेटफॉर्म मिलेगा। वहीं सरकार भी उनसे सीधे जुड़ सकेगी।
यूपी से कितने यूजर्स ट्विटर पर हैं?
यूपी या प्रदेशों के अलग से कोई आंकड़े ट्विटर इंडिया जारी नहीं करती है। हां, भारत ट्विटर के लिए बहुत बड़ा मार्केट है। इसीलिए ट्विटर भारत के लिए अलग से प्रोडक्ट लेकर आ रहा है। ‘ट्विटर सेवा’ को भी भारतीयों की जरूरतों के अनुसार बनाया गया है।
युवाओं को किस तरह जोड़ रहे हैं?
ट्विटर ने यूपी के युवाओं को अपनी बात रखने का एक प्लेटफॉर्म दिया है। लोगों को अगर यह लगता था कि यूपी के युवाओं के लिए ट्विटर नहीं है तो 2014 के चुनाव ने इस सोच को बदल दिया। बड़ी संख्या में युवाओं ने इस प्लेटफॉर्म का उपयोग किया।
दूसरी ओर हिंदी में ट्विटर की उपलब्धता संभवतया यूपी के नागरिकों, खास तौर से युवाओं को जोड़ने के लिए ही करवाई गई। उन लोगों को आवाज मिल रही है जो सवाल पूछना चाहते थे, लेकिन उन्हें अवसर नहीं मिले थे।
यूपी के राजनीतिज्ञों द्वारा अपने अकाउंट वेरिफाई करवाने का चलन बढ़ा है? विधानसभा चुनाव से इसका कोई संबंध है?
यूपी से राजनेताओं द्वारा अकाउंट वेरिफाई करने के लिए काफी समय से हमारे पास आवेदन किए जा रहे हैं। इसका चुनाव से संबंध होने पर मैं कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।
ट्विटर सेवा की जरूरत क्यों?
सरकारी संस्थान अपने नागरिकों के लिए जो काम कर रहे हैं, उसे वास्तविक समय में मापना इस सेवा के जरिए संभव हो सकेगा। यूपी पुलिस ने जब से ट्विटर पर की जाने वाली शिकायतों पर एक्शन लेना शुरू किया, शिकायतों की संख्या भी बढ़ने लगी।
हर शिकायत को देखना मुश्किल हो रहा था। शिकायतों का बेहतर प्रबंधन ट्विटर सेवा से संभव है। इसमें पुलिस के पास आने वाली शिकायतों का लेखा-जोखा उपलब्ध होता है। उन पर कार्रवाई नहीं हो रही है तो वरिष्ठ अधिकारी जरूरी निर्देश दे सकते हैं। यह सभी प्रक्रिया लोगों के सामने हो रही है।