नशा करने वाले लोगों में पैदा होने वाला तनाव अब हल्दी से दूर किया जाएगा। वैज्ञानिकों ने हल्दी में मौजूद महत्वपूर्ण तत्व करक्यूमिन की खोज करने में सफलता हासिल की है।
यह कारनामा लखनऊ और कोलकाता के वैज्ञानिकों ने संयुक्त रूप से किया है। सीएसआईआर की लैब इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च (आईआईटीआर) के साथ जाधवपुर यूनिवर्सिटी कोलकाता और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड साइंस टेक्नोलॉजी हावड़ा के वैज्ञानिकों का इस पर काम जारी है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि नशा करने में सबसे बड़ा नुकसान निकोटिन से होता है। इससे तनाव की समस्या पैदा हो जाती है।
हल्दी में मौजूद एंटी-निकोटिन गुण इससे होने वाले नुकसान को बचाते हैं। करक्युमिन निकोटिन की वजह से लाल रक्त कणिकाओं (आरबीसी) को भी होने वाले नुकसान से बचाता है।