नूरी के साथ ही तीनों के मोबाइल नंबर की लोकेशन कोर्ट और घटनास्थल पर भी पाई गई। फूलबानो और शबाब से पूछताछ की गई तो उन्होंने सच कुबूल कर लिया। दोनों ने बताया कि जेल में बंद नूरी का पति सुलतान उस पर शक करता था।
उसे लगता था कि पत्नी के किसी से नाजायज संबंध हैं। चूंकि, उसने लव मैरिज की थी इसलिए पत्नी की हत्या की साजिश रच डाली। उसने 24 फरवरी सुलतान की पेशी थी। उसने बहन, बहनोई और दोस्त को बुलाकर हत्या की साजिश रची। फूलबानो ने फोन करके नूरी को भी कोर्ट बुलवा लिया।
मुलाकात के बाद चारों एक साथ ही निकले। शबाब और रऊफ अपनी बाइक से थे तो नूरी ने फूलबानो को अपनी स्कूटी पर बैठा लिया। दिनभर चारों लोग इधर-उधर घूमे। शाम को बहाने से उसे मलिहाबाद ले गए। देर शाम नूरी को संडीला चलने के बहाने साथ ले गए।
रास्ते में मलिहाबाद के फरीदीपुर गांव के पास बाग में रुककर तीनों ने नूरी को दबोच लिया। चाकू से नूरी का गला रेतकर उसकी हत्या कर दी और खुदकुशी साबित करने के लिए शव को खींचकर रेल ट्रैक पर फेंक दिया। उसकी स्कूटी, मोबाइल फोन व चाकू लेकर तीनों संडीला भाग गए।
देर रात ट्रेन के चालक ने ट्रैक पर शव पड़ा देख पुलिस को सूचना दी। दो दिन बाद शव की शिनाख्त नूरी के रूप में हुई थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल चाकू, मोबाइल फोन व स्कूटी के पार्ट्स बरामद कर लिए हैं।