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हत्याकांड का खुलासाः कलयुगी बेटे ने ही मां को गोली से उड़ाया था, ये थी वजह

Fri, 05 Jul 2019 01:09 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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लखनऊ में गुडंबा के गढ़ी मोहल्ले में शुक्रवार देर रात प्रेमा यादव (45) की गोली मारकर हत्या उसके मंझले बेटे देवेंद्र यादव उर्फ चकरू ने की थी। पुलिस ने रविवार सुबह देवेंद्र को गिरफ्तार कर वारदात का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल असलहा भी बरामद कर लिया। आरोपी ने कुबूला कि संपत्ति के बंटवारे के विवाद में वारदात को अंजाम दिया।

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मालूम हो लखनऊ में गुडंबा के गढ़ी इलाके में शुक्रवार देर रात 45 वर्षीय महिला प्रेमा यादव की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात की सूचना पर इंस्पेक्टर रीतेंद्र प्रताप सिंह फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे तो प्रेमा का बेटा देवेंद्र मौके से भागने लगा था। पुलिस ने उसे संदिग्ध मानते हुए दबोच लिया था।

हत्या के दिन से ही पुलिस को देवेंद्र पर संदेह था, लेकिन वह पुलिस को गुमराह कर रहा था। वहीं, उसकी बहन लालवती ने वारदात वाले दिन पुलिस के सामने देवेंद्र का नाम लिया था, लेकिन बाद में मुकरने लगी थी। अपर पुलिस अधीक्षक ट्रांसगोमती अमित कुमार के मुताबिक, पड़ताल में पता चला कि प्रेमा ने कुछ समय पहले जमीन बेची थी।
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साथ ही एक प्लॉट भी महंगे दामों में बेचा था। इससे मिली रकम में देवेंद्र भी हिस्सा मांग रहा था। जबकि प्रेमा इसके लिए तैयार नहीं थी। सीओ गाजीपुर दीपक कुमार सिंह के मुताबिक, देवेंद्र को इस बात का मलाल था कि घर में उसकी बात कोई नहीं सुनता था।

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दोस्त को बताया, असलहे के बारे में

वारदात के दिन भी वह घर पर ही था। संपत्ति को लेकर शुक्रवार को मां से विवाद हुआ था। इसके बाद उसने मां पर गोली चला दी थी। सीओ गाजीपुर के मुताबिक, देवेंद्र की बहन, बडे़ भाई व अन्य परिवारीजनों के अलग-अलग बयान की रिकार्डिंग कराई गई।

एक सदस्य ने रिश्तेदार को बताया कि घर के अंदर किसी ने ईंट फेंकी जो मां को लग गई थी। वहीं, दूसरे रिश्तेदार को बताया कि देवेंद्र ने मां को गोली मारी थी। इसके बाद पुलिस ने सबको एक साथ बैठाया तो वे लोग अपने बयान देखकर चौंक गए।

वहीं, देवेंद्र ने अपनी मौजूदगी के लिये जो भी जगह बताई। उसका रूट चार्ट तैयार किया गया। फिर जब मोबाइल की लोकेशन निकलवाई तो रूट चार्ट से अलग निकली। वारदात के पहले और बाद में उसकी मौजूदगी घर में ही मिली।

पुलिस के मुताबिक, देवेंद्र के एक करीबी दोस्त से पूछताछ की गई। इसके बाद देवेंद्र को छोड़ दिया गया। इस दौरान देवेंद्र ने अपने इसी दोस्त से मोबाइल पर असलहा छिपाने के बारे में बातचीत की। इस पर पुलिस ने एक मुखबिर देवेंद्र के पीछे लगा दिया। इस दौरान वह घर के पीछे भूसे के ढेर में छिपाये गए असलहे को लेेने पहुंचा। इस तरह हत्या में इस्तेमाल प्रयुक्त असलहा बरामद कर लिया।
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