यूपी के करीब 10 जिलों के डीएम को हटाने और उनके स्थान पर नए अधिकारियों की तैनाती के अलावा चित्रकूट में नए मंडलायुक्त व कुछ जिलों में एडीएम की अदला-बदली के लिए केंद्रीय निर्वाचन आयोग की अनुमति शनिवार तक सरकार को नहीं मिल पाई।
हालांकि सोशल मीडिया में पूरे दिन चार-पांच जिलों में नए डीएम के रूप में अफसरों के नाम वायरल होते रहे। दूसरी ओर सरकार इन तबादलों को लेकर असमंजस में नजर आई।
बताया जाता है कि प्रदेश में मतदाता पुनरीक्षण अभियान जारी होने की वजह से इन अफसरों के तबादले के लिए केंद्रीय निर्वाचन आयोग को करीब 28 आईएएस और आधा दर्जन पीसीएस अधिकारियों के नाम मंजूरी के लिए भेजे गए थे। सरकार आयोग से अपने प्रस्ताव पर सहमति का इंतजार ही करती रही, शनिवार सुबह से आगरा, इलाहाबाद, झांसी और रामपुर सहित कई जिलों के डीएम को इधर से उधर किए जाने की खबरें सोशल मीडिया पर छा गईं।
इलाहाबाद के डीएम सुहास एलवाई को आगरा, विशेष सचिव लोक निर्माण राजशेखर को इलाहाबाद, 2008 बैच के आईएएस अनिल ढींगरा को मेरठ, रामपुर के डीएम शिव सहाय अवस्थी को झांसी और बांदा के डीएम महेंद्र बहादुर सिंह को रामपुर का डीएम बनाए जाने की चर्चा वायरल होती रही। सुहास एलवाई के तबादले की चर्चा ने इसलिए जोर पकड़ा क्योंकि दो दिन पहले उनकी पीसीएस अधिकारी पत्नी का आगरा तबादला कर दिया गया था।
इस बीच राज्य सरकार के प्रवक्ता ने चार जिलों में डीएम बदलने जाने की पुष्टि भी कर दी। पर, शासन का नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग आयोग से सहमति की जानकारी न मिलने का हवाला देते हुए ऐसे किसी तबादले से इनकार करता रहा।