लखनऊ। काकोरी के मौदा गांव के पास आउटर रिंग रोड पर सोमवार तड़के तेज रफ्तार स्लीपर बस की आगे चल रहे ट्रक से टक्कर हो गई। बस का केबिन क्षतिग्रस्त हो गया। बागपत के पढ़ला निवासी चालक नफीस एक घंटे तक इसमें फंसे रहे। दमकलकर्मियों ने पुलिस की सहायता से उन्हें निकालकर अस्पताल पहुंचाया। उनका एक पैर टूट गया है। यात्रियों को दूसरी बस से दिल्ली भेजा गया।
परिचालक व 40 यात्री बस में लेकर नफीस बिहार के मुजफ्फरनगर से दिल्ली के लिए निकले थे। सोमवार तड़के चार बजे मौदा गांव के पास बस की रफ्तार तेज होने से उनका नियंत्रण खो गया और बस की आगे चल रहे ट्रक से टक्कर हो गई।
भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। नफीस बस के केबिन में बुरी तरह फंस गए। लोगों ने उन्हें निकालने का प्रयास किया, पर सफलता नहीं मिली। तभी वहां से गुजर रहे राहगीरों ने शोर सुनकर घटना की जानकारी पुलिस और दमकल को दी।
स्प्राइडर से काटकर निकाला गया
कुछ देर में फायर स्टेशन ऑफिसर आलमबाग धर्मपाल सिंह गाड़ी के साथ मौके पर पहुंचे। काकोरी पुलिस भी आ गई। दमकलकर्मियों ने नफीस को निकालने की कोशिश की, पर नाकाम रहे। स्प्राइडर से बस के केबिन को काटकर उन्हें निकाला जा सका। इस दौरान नफीस करीब एक घंटे तक फंसे रहे। हादसे में उनका दायां पैर टूट गया। यात्री मामूली रूप से चोटिल हुए।
लग गई वाहनों की कतारें
पुलिस ने नफीस को अस्पताल पहुंचाया। परिचालक से नंबर लेकर कंपनी से दूसरी बस मंगवाकर यात्रियों को उससे रवाना किया। हादसे से जाम के हालात बन गए। वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बस को क्रेन से किनारे लगवाकर पुलिस ने यातायात सामान्य कराया। इंस्पेक्टर सतीश चंद्र राठौर के मुताबिक अभी तक तहरीर नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
तीन अंडरपास, कई किमी तक लाइट नहीं
मौदा गांव के पास आए दिन हादसे होते हैं। कई लोग जान गवां चुके हैं। इन हादसों का प्रमुख कारण है स्ट्रीट लाइटों का न जलना। खुशहालगंज, बेहटा और चिलौली अंडरपास पर करीब चार किमी तक अंधेरा पसरा रहता है, पर जिम्मेदारों की इस ओर नजर नहीं पड़ी है।
काकोरी में दुर्घटनाग्रस्त ट्रक और घायल बस चालक।