गाजीपुर में सोमवार सुबह रीयल एस्टेट कंपनी में काम करने वाली 32 वर्षीय ममता पाल ने खुदकुशी कर ली। उसका शव कमरे में पंखे से लटका पाया गया। परिवारीजनों से सूचना पाकर आई पुलिस को छानबीन के दौरान सुसाइड नोट मिला है जिसमें ममता ने कंपनी के संचालक नीलेश गुप्ता और कृष्णा यादव पर रिश्तेदारों को नौकरियों के नाम पर 25 लाख और टेंडर का काम कराने के 65 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाते हुए तनाव के चलते जान देने की बात लिखी है।
उपनिरीक्षक सतीश कुमार यादव ने बताया कि ममता के पिता की तरफ से नीलेश और कृष्णा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके जांच की जा रही है।उपनिरीक्षक ने बताया कि इंदिरानगर के सेक्टर 19 निवासी एचएएल से सेवानिवृत मिठाईलाल की बेटी ममता मुंशी पुलिया स्थित रीयल एस्टेट कंपनी में काम करती थी। उसने वर्ष 2015 में नौकरी जॉइन की और एक साल तक काम किया। इसी दौरान कंपनी संचालक नीलेश गुप्ता और कृष्णा यादव ने उससे नगर निगम में सफाईकर्मियों के पद पर नौकरी लगवाने की बात कही।
ममता ने उनकी बातों पर भरोसा करके अपने कई रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क कराया। मिठाईलाल का कहना है कि नीलेश और कृष्णा ने उनके रिश्तेदारों व परिचितों से नौकरी दिलाने के एवज में 25 लाख रुपये वसूल लिए। इसके अलावा कृष्णा यादव को पानी की जांच का एक टेंडर मिला था जिसमें उसने ममता, उसके भाई देवेंद्र और जीजा दीप चंद्र पाल से काम कराया था। इस काम का करीब 65 लाख रुपया बाकी था जिसे कृष्णा यादव नहीं दे रहा था। मिठाईलाल का कहना है कि जिन लोगों ने ममता के कहने पर नीलेश और कृष्णा को रुपया दिया था, वह रकम लौटाने का दबाव बना रहे थे।
ममता ने नीलेश और कृष्णा से रुपया वापस करने को कहा तो उन्होंने गाली-गलौज और अभद्रता करते हुए भगा दिया। पुलिस से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इससे ममता तनाव में रहने लगी थी। इसी मानसिक परेशानी के चलते उसने सोमवार को खुदकुशी कर ली।